राजधानी देहरादून के दून रेलवे स्टेशन पर बुधवार को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
इस दौरान टीम ने परिसर में सुरक्षा समेत कई अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही यात्रियों से भी पूछताछ की। टीम ने इस दौरान मसूरी स्थित रेलवे का स्कूल ओकग्रोव का भी निरीक्षण किया। दौरा करने के बाद टीम पूरी व्यवस्था से संतुष्ट दिखी।
यात्रियों से शिकायतें मिल रही थी
सूत्रों के अनुसार, पिछले कई दिनों से रेलवे अधिकारियों को यात्रियों से शिकायत मिल रही थी। इसी की मद्देनजर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मनोज शर्मा और डीआरएस सुधीर अग्रवाल अन्य अधिकारियों के साथ बुधवार सुबह लगभग दस बजे दून पहुंचे। वहां से टीम सीधे मसूरी स्थित ओकग्रोव पहुंची।
वहां का दौरा करने के बाद टीम दुबारा दून रेलवे स्टेशन तीन बजे पहुंची और निरीक्षण की कार्रवाई शुरू की। टीम ने इस दौरान डोरमेटरी, यात्रियों की सुरक्षा, साफ-सफाई, टिकट बुकिंग, रिजर्वेशन काउंटर, पार्सल तोल सहित सभी सुविधाओं को जायजा लिया।
तकरीबन एक घंटा स्टेशन का दौरा करने के बाद टीम लौट गई। स्टेशन अधीक्षक एसडी डोभाल ने बताया टीम सभी व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखी। उन्होंने बताया मंगलवार को टीम ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था।
यात्री हैरान भी, खुश भी
बुधवार को दून रेलवे स्टेशन किसी मॉडल स्टेशन से कम नहीं लग रहा था। सुरक्षा की बात हो या अन्य सुविधाएं। आम आदमी की भाषा में बोलें तो सभी ‘चकाचक’।। लोग हैरान भी थे और खुश भी। हैरान इसलिए की पूरा स्टेशन आज कुछ अलग सा लग रहा था और खुश इसलिए कि चलो व्यवस्था बदल गई है।
यात्रियों को क्या पता कि वह जिस व्यवस्था पर खुश हो रहे हैं वह केवल एक दिन के लिए होगी। जिस रेलवे स्टेशन के गेट पर मेटल डिटेक्टर तक खराब पड़े है। वहां पर बुधवार को आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात होकर हेंड डिटेक्टर से यात्रियों की तलाशी ले रहे थे।
सभी कर्मचारी ड्यूटी पर थे
प्लेटफार्म के चप्पे-चप्पे पर आरपीएफ कर्मी ड्यूटी दे रहे थे। सबसे आश्चर्य की बात कि रिजर्वेशन के सभी काउंटर पर कर्मचारी बैठकर ड्यूटी कर रहे थे। अमूमन, रिजर्वेशन काउंटर के आखिरी दो के शटर गिरे हुए होते हैं। जिसको लेकर अक्सर यात्री विवाद भी करते रहे हैं। हालांकि सफाई और पानी की सुविधा तो पहले से ही स्टेशन में बेहतर है। इसके लिए नॉर्थ जोन की शील्ड भी दून रेलवे स्टेशन कब्जा चुका है।
गायब रहे दलाल
जिस दौरान टीम स्टेशन पहुंची। अचानक सभी दलाल रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। प्लेटफार्म से माल भी साफ हो गया। टीम ने पर्सल तोल के साथ पार्सल कार्यालय का भी दौरा किया। इस दौरान टीम ने अधिकारियों को कुछ जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। लेकिन इस पूरे दौरे के दौरान दलाल पास नहीं फटके।