सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईपीएस बनीं मसूरी के इंस्पेक्टर बीबीडी जुयाल की बेटी रचिता जुयाल प्रशिक्षण पूरा कर लौट आईं हैं।
उन्होंने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पढ़ाई से कहीं ज्यादा प्रशिक्षण मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि आईपीएस बनने के लिए तीन साल कठोर तैयारी की थी।
घंटों पढ़ा, लेकिन अब प्रशिक्षण हुआ तो समझ आया कि कितना मुश्किल है। वर्दी पहनने के बाद की जिम्मेदारी निभाने के लिए होने वाला प्रशिक्षण काफी मुश्किल है।
धर्मपुर निवासी रचिता को केंद्र सरकार ने उत्तराखंड कैडर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन उन्हें याद रहेगा। इस मुकाम को हासिल करने के लिए रचिता ने अपनी शादी से पहले छोटी बहन की शादी करवा दी।
रचिता के पिता बीबीडी जुयाल मसूरी थाने में इंस्पेक्टर हैं। वह पिता को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश की जनता की सेवा करने को तैयार हैं। हालांकि, रचिता को अभी कहीं पोस्टिंग नहीं मिली है।