अगर रायपुर स्टेडियम की फीस का मसला हल नहीं होता है तो यहां रणजी मैच होने की संभावना भी बेहद कम है। ऐसे में रणजी ट्रॉफी के बड़े मैच कसिगा ग्राउंड, अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी जैसे मैदानों में कराने होंगे, जहां स्टेडियम जैसी सुविधाएं नहीं हैं।
बीच का रास्ता निकालने के भी प्रयास
मैच फीस का मसला हल करने के लिए स्टेडियम प्रबंधन भी बीच का रास्ता खोजने की कोशिशों में जुटा नजर आ रहा है। सूत्रों ने बताया कि स्टेडियम प्रबंधन की ओर से सीएयू को 8 लाख रूपये प्रति महीना फीस का ऑफर विकल्प के रूप में दिया है। जबकि सीएयू ने यह राशि 5 लाख रूपये करने की मांग की है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि 6 लाख रूपये की फीस पर दोनों पक्षों में सहमति बन सकती है।
रायपुर स्टेडियम की अंडर-23 टूर्नामेंटों के मैचों से मैच फीस बढ़ा दी गई, जिस कारण इस टूर्नामेंट के मैचों की मेजबानी स्टेडियम से ली गई। यदि स्टेडियम की मैच फीस कम नहीं होती है तो मजबूरन अन्य टूर्नामेंट के मैच भी स्टेडियम से लिए जा सकते हैं। उम्मीद करते हैं कि कोई समाधान निकलेगा।
- महिम वर्मा, उपाध्यक्ष बीसीसीआई एवं सचिव सीएयू