पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इसी साल क्लेमेंटटाउन पुलिस ने आसिफ मलिक के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। पहले कार्तिक आदि भी एक ही गैंग में शामिल थे, लेकिन इस मुकदमे के बाद कार्तिक व उसके साथी आसिफ मलिक की गिरफ्तारी के लिए दूसरे पक्ष के साथ मिल गए। पुलिस को इसकी सूचना देने लगे। आसिफ मलिक गिरफ्तार हुआ। इसके बाद उसे जमानत मिल गई।
अब दोनों पक्ष एक-दूसरे से रंजिश रखने लगे। पिछले दिनों फरमान नाम के एक सदस्य से इन लोगों ने मारपीट भी की। अब फिर से ये दोनों गैंग एक-दूसरे पर हमले की साजिश रच रहे थे। पिछले दिनों ही उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से असलहा भी इकट्ठा किया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
मेरठ में की थी 18 राउंड फायरिंग
आरोपियों के खिलाफ देहरादून और मेरठ में कई मुकदमे दर्ज हैं। गैंग के कुछ सदस्यों ने पिछले दिनों मेरठ के टॉप लाउंज में 18 राउंड फायरिंग भी की थी। मेरठ पुलिस से भी आरोपियों के इतिहास की जानकारी की जा रही है। इस गैंग के कई सदस्य पहले से जेल में बंद हैं। आरोपियों के अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।