वाह रे देहरादून पुलिस। छोटी चोरी की वारदातों का तो खुलासा कर दिया, लेकिन बड़े मामलों के खुलासे को चुप्पी साध ली है।
तब अफसरों से खूब शाबासी मिली थी, लेकिन अब बड़े मामलों की तफ्तीश में ढील क्यों? पीड़ित जवाब चाहते हैं, क्योंकि खुलासे के लिए डीआईजी से लेकर, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के दरबार तक फरियाद लगा चुके हैं।
हाल तो यह है कि पीड़ितों ने जिन पर शक जताया है, उनसे भी पूछताछ नहीं हुई। पीड़ित पूछ रहे हैं उन्हें उनका चोरी हुआ कीमती सामान वापस मिलेगा भी या नहीं!
अधिवक्ता के घर चोरी की वारदात अनसुलझी
टिहरी में शासकीय अधिवक्ता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के टी-स्टेट बंजारावाला स्थित बंद घर से 15 जुलाई को चोर नकदी समेत साढ़े सात लाख रुपये के गहने चुरा ले गए थे। अधिवक्ता के घर घुसे चोरों को पुलिस आज तक नहीं ढूंढ पाई।
जबकि इसे लेकर अधिवक्ता, शिक्षा विभाग में प्रवक्ता पत्नी के साथ मुख्यमंत्री से भी पुलिस कार्रवाई को लेकर तीन दिन पहले शिकायत कर चुकी हैं।
टिहरी जिले के शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र सिंह असवाल का टी-स्टेट में घर है। यहां उनका छोटा बेटा अधिवक्ता गौरव असवाल रहता है। जो दून कचहरी में प्रैक्टिस कर रहा है।
वारदात की रात (13-14 जुलाई की रात) को गौरव अपनी गर्भवती भाभी को मिलिट्री हास्पिटल में भर्ती कराने दिल्ली गया था। इसी दौरान उनके घर में चोरी हुई।
चोरी के बाद पुलिस ने फिंगर प्रिंट लेने के साथ ही कई लोगों से पूछताछ की। लेकिन कुछ ही दिनों बाद पूरी तफ्तीश पर ब्रेक लग गया।
पीड़ित कांता असवाल बताती है कि हमने पुलिस को कुछ लोगों के नाम दिए थे। जिन पर हमें शक था। कम से कम उनसे ही पूछताछ कर ली जाती।
सीसीटीवी फुटेज में ही उलझी पुलिस
डीआईजी ऑफिस से चंद कदम की दूरी पर स्थित मां संतोषी मेडिकल स्टोर का रोशनदान उखाड़कर चोर तीन लाख रुपये नकदी चुरा ले गए थे।
मेडिकल स्टोर से मिली सीसीटीवी फुटेज और केवल कैश रखी जगह को निशाना बनाने के बाद पुलिस अधिकारियों का शक मेडिकल में काम कर चुके कर्मी की तरफ गया था। लेकिन आज तक पुलिस उसे तलाश नहीं पाई।
यह वारदात बीते 25 जुलाई की सुबह सामने आई थी। जुनेजा की तहरीर पर कोतवाली में यह मामला दर्ज किया गया था। कोतवाली पुलिस के हाथ वारदात के वक्त की सीसीटीवी फुटेज लगी है।
लेकिन इससे आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी। इस फुटेज में चोर केवल अकेला दिखाई दे रहा है, जो मेडिकल स्टोर के पीछे लगा जाली का झरोखा तोड़कर घुसा था।
हटाए गए पटेलनगर कोतवाल
आखिरकार चोरी के खुलासों की गाज इंस्पेक्टर पटेलनगर पर गिर ही गई। रविवार को उन्हें पटेलनगर से हटा कर एसएसपी के पेशकार की नई जिम्मेदारी दी गई। वहीं इंस्पेक्टर पटेलनगर की जिम्मेदारी अब पंकज गैरोला संभालेंगे।
पटेलनगर में लगातार हो रही चोरी और खुलासे न होने पर इंस्पेक्टर पटेलनगर जीएस दसौनी निशाने पर थे। रविवार को एसएसपी अजय रौतेला ने उन्हें वहां से हटा दिया।
उनके स्थान पर आए इंस्पेक्टर पंकज गैरोला अभी डीआईजी गढ़वाल रेंज ऑफिस में तैनात थे। उससे पहले हरिद्वार जिले में श्यामपुर थाना और ज्वालापुर कोतवाली में इंस्पेक्टर रहे चुके है।
पंकज गैरोला दून में इंस्पेक्टर एलआईयू भी रह चुके हैं। वहीं एसएसपी के पेशकार राजीव डंडरियाल को विशेष जांच प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई है।
चोरी के बड़े मामलों का खुलासा करने टीमें गठित की गई हैं। जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- अजय सिंह, एसपी सिटी