इस अधिनियम में संपत्ति हो सकती है कुर्क
उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 का उद्देश्य आपराधिक गिरोह और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है। इसके जरिये संगठित अपराधों को रोकना और गैंगस्टर संबंधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर मुकदमा चलाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करना है। यह अधिनियम पुलिस और जिलाधिकारियों को आपराधिक गतिविधियों से हासिल संपत्तियों की कुर्की और व्यक्तियों का गैंग चार्ट तैयार करने का अधिकार देता है।
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चोरी के मुकदमे में छूटने का डर था, इसलिए कठोर कार्रवाई
देहरादून पुलिस ने हाल में विनय त्यागी को लाखों की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया। उस पर अपने एक दोस्त की कार से लाखों के गहने और नकदी चुराने का आरोप है। उसे आपसी बातचीत के दौरान दोस्त ने कार में कीमती सामान रखा होने की जानकारी दी थी। उसके बाद त्यागी ने अपने साथी के साथ मिलकर साजिश की। मौका देखकर कार का शीशा तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। नेहरू कॉलोनी पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान, जिसमें करीब चार लाख रुपये के गहने और 15 हजार रुपये कैश बरामद किया था। वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी जब्त की थी। चोरी के मामले में त्यागी के जमानत पर छूटने की आशंका को देखते हुए उसके आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर कठोर कार्रवाई की गई।