फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से करते हैं संपर्क
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर आम जनता से व्हाट्सएप, ईमेल, दूरभाष और अन्य सोशल साइटों के माध्यम से संपर्क करते हैं। स्वयं को नामी कंपनियों का एचआर, अधिकारी, कर्मचारी बताकर लोगों को प्रतिदिन तीन से आठ हजार रुपये कमाने का लालच देते हैं।
इसके बाद उन्हें लिंक भेजकर टेलीग्राम एप डाउनलोड करवाते हैं। अपने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ते हैं। फिर यू-ट्यूब वीडियो लाइक एवं सब्सक्राइब करने का टास्क देते है। इसके बाद इसमें निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच देकर उनसे धोखाधड़ी करते हैं। इसके लिए वह फर्जी सिम, आईडी कार्ड तथा फर्जी खातों का प्रयोग करते हैं।