फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun: दो करोड़ की साइबर ठगी का आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार, ऐसे बनाता था लोगों को शिकार

Thu, 14 Dec 2023 07:33 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

Dehradun Crime News: साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को एक शिकायत मिली थी। हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता को साइबर ठगों ने एक कंपनी का एचआर मैनेजर बताते हुए यूट्यूब व इंस्टाग्राम वीडियो को फॉलो, लाइक और सब्सक्राइब करने के टास्क देकर पैसे कमाने का लालच दिया और 19 लाख 24 हजार रुपये ठग लिए।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर वीडियो को फॉलो, लाइक और सब्सक्राइब कर पैसे कमाने का लालच देकर लोगों से ठगी करने के आरोपी को एसटीएफ ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों में कई लोगों से दो करोड़ रुपये की ठगी की है। पांच राज्यों की पुलिस को आरोपी की तलाश थी।

विज्ञापन


एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को एक शिकायत मिली थी। हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता को साइबर ठगों ने एक कंपनी का एचआर मैनेजर बताते हुए यूट्यूब व इंस्टाग्राम वीडियो को फॉलो, लाइक और सब्सक्राइब करने के टास्क देकर पैसे कमाने का लालच दिया और 19 लाख 24 हजार रुपये ठग लिए। मामले में मुकदमा दर्ज कर निरीक्षक विकास भारद्वाज को जांच दी गई।

Dehradun Flying Hawk: स्मार्ट हुई दून पुलिस, अब हाईटेक ड्रोन से होगी शहर के ट्रैफिक की निगरानी
विज्ञापन


जांच में सामने आया कि जिस खाते में रकम जमा हुई उसका संचालन नरेंद्र दुखिया निवासी गिरावंडी नागौर राजस्थान है। टीम को राजस्थान भेजा गया। टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी नरेंद्र दुखिया को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए थाना नागौर राजस्थान लाया गया। पूछताछ से पता से पता चला कि नरेंद्र दुखिया ने अपने दोस्त हरचंद दारा के नाम पर खाता खुलवाया था। इसके बाद वह ट्रेडिंग के नाम पर अन्य आरोपी को पैसे ट्रांसफर करता था। आरोपी के खिलाफ गुरुग्राम हरियाणा, बैंगलुरू कर्नाटक, मुंबई महाराष्ट्र, हैदराबाद तेलंगाना, तेलंगाना में साइबर ठगी के मुकदमे दर्ज हैं।

विज्ञापन

फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से करते हैं संपर्क

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर आम जनता से व्हाट्सएप, ईमेल, दूरभाष और अन्य सोशल साइटों के माध्यम से संपर्क करते हैं। स्वयं को नामी कंपनियों का एचआर, अधिकारी, कर्मचारी बताकर लोगों को प्रतिदिन तीन से आठ हजार रुपये कमाने का लालच देते हैं।

इसके बाद उन्हें लिंक भेजकर टेलीग्राम एप डाउनलोड करवाते हैं। अपने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ते हैं। फिर यू-ट्यूब वीडियो लाइक एवं सब्सक्राइब करने का टास्क देते है। इसके बाद इसमें निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच देकर उनसे धोखाधड़ी करते हैं। इसके लिए वह फर्जी सिम, आईडी कार्ड तथा फर्जी खातों का प्रयोग करते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें