नए साल में राजधानी देहरादून के पार्कों की बदहाल तस्वीर सुधारी जाएगी।
अमृत सिटी के तहत मिली धनराशि को नगर निगम इस योजना में खर्च करेगा। निगम गांधी पार्क को संवारने के लिए सबसे अधिक मशक्कत करेगा। इसका जीर्णोद्धार कर इसे शहर का सबसे खूबसूरत पार्क बनाया जाएगा।
अमृत सिटी योजना के तहत पचास प्रतिशत खर्च गांधी पार्क पर होगा, बाकी शहर के अन्य 66 छोटे-बड़े पार्कों पर खर्च होगा। नगर निगम नए साल पर इस योजना को अंजाम देना चाहता है।
मेयर एवं नगर आयुक्त ने कहा कि नए साल पार्कों की बदहाल हालत को सुधारना हमारी प्राथमिकता में होगा। अमृत सिटी में प्राथमिकता के आधार पार्कों का विकास होना है। शहर के सबसे पुराने और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले गांधी पार्क पर नगर निगम 50 प्रतिशत फंडिंग करना चाहता है। गांधी पार्क में चिल्ड्रेन पार्क भी बनाया जाएगा।
कूड़े से मिलेगी लोगों को निजात
शहर में सफाई व्यवस्था न बना पाने को लेकर नगर निगम पर हमेशा सवाल उठते रहे है। आये दिन पार्षद हों या शहरवासी निगम में प्रदर्शन करते हैं, लेकिन व्यवस्था जस की तस है। मुख्यमंत्री खुद कई बार हाथ में झाड़ू लेकर सड़क पर उतरे हैं और निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, लेकिन निगम हर बार साधनों का हवाला देकर बचता रहा है।
अब मेयर विनोद चमोली ने दावा किया है कि नए साल में लोगों को कूड़े से निजात मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रोजेक्ट के जल्द ही पूरा होने के आसार हैं। इसके अलावा शहर में नए साल पर अंडर ग्राउंड डस्टबिन भी लगाने की योजना है। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने कहा कि हमें उम्मीद है सालिड वेस्ट मैनेजमेंट और अंडर ग्राउंड डस्टबिन आदि योजनाओं के जरिये हम शहर को गंदगी से निजात दिलाने में सफल होंगे।
बदलेगी घंटाघर की सूरत
दून का दिल कहे जाने वाले घंटाघर की डायल फिर चलने लगेगी। निगम ने घंटाघर की डायल बदलने की योजना बनाई है। इसके बाद चौक छोटा किया जाएगा और उसकी रंगाई-पुताई होगी।
पिछले कई सालों से घंटाघर की देखभाल कर रहे इंजीनियर अशोक खन्ना बताते हैं कि दून का घंटाघर देश का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा घंटाघर है और इसकी सबसे मुख्य बात यह है कि देश में दून और कलकत्ता ही ऐसे घंटाघर हैं जिनमें छह सुईयां है। नगर निगम निगम का कहना है कि घंटाघर की तस्वीर को नए साल पर बदला जाएगा और इसे बेहद आकर्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा।