नये साल का सूरज नई उम्मीदों की किरण लेकर आया है। इस साल प्रदेश के विकास, हजारों बेरोजगारों को नौकरी और स्वरोजगार का सपना साकार होगा।
छह प्रस्तावित मेडिकल कालेज, आठ नर्सिंग कॉलेज और हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल खुलने से स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यवसायिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। वहीं खेती बागवानी में सुधार और दूरदराज के गांवों तक सड़कों के निर्माण खुलेंगे तरक्की के द्वार।
आपदा झेल चुका उत्तराखंड नये साल में विकास की रफ्तार पकड़ेगा। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावे के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों जौलजीवी और पंचेश्वर चंद्रपुरी में रिवर राफ्टिंग शुरू होगी। द्यारा बुग्याल और कई अन्य बुग्याल नये साल में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे। पहाड़ से पलायन रुके इसके लिए दूर-दराज के गांवों तक सड़कें पहुंचेगी। प्रदेश भर में सात सौ नई सड़कों का निर्माण होगा।
नौकरी का सपना होगा साकार
शिक्षा विभाग में एलटी सहायक अध्यापक के तीन हजार और बीपीएड एवं योगा के आठ सौ पदों पर नौकरी की आस लगाए बेरोजगारों का इस साल नौकरी का सपना सकार होगा। प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से एलटी के 3089 पदों के लिए मार्च 2015 में लिखित परीक्षा आयोजित की गई।
उच्च शिक्षा की सुधरेगी स्थिति
प्रदेश में वर्ष 2014 में खुले 20 नये महाविद्यालयों सहित हाल में खुले समस्त महाविद्यालयों में कम्यूनिकेशन स्किल एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट योजना इस साल से लागू होगी।
खेती बागवानी से खुलेंगे तरक्की के द्वार
खेती बागवानी से तरक्की के द्वार खुलेंगे। खेती बागवानी से अन्य योजनाओं को जोड़कर किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। वही खेती की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से 150 किलोमीटर दीवार और 531 हेक्टेयर में चारागाह का विकास होगा।
हमारी भाषा, बोली और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
नये साल में राज्य की भाषा बोली, लोक गीत और राज्य आंदोलन का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल होगा। खास बात यह होगी कि कक्षा नौ से इंटरमीडिएट तक भाषा-बोलियों, लोक गीतों और लोक कलाओं को अलग विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इस अतिरिक्त विषय के छात्रों को सरकार विशेष छात्रवृत्ति देगी।