इन लोगों पर विश्वास करते हुए गोविंद सिंह और उनके भाई ने दो बार में आरोपियों को 15 करोड़ रुपये दे दिए। लेकिन, जब वे रजिस्ट्री कराने के लिए करनाल गए तो उन्हें बताया गया कि जमीन के मालिक का भाई बीमार है। गोविंद सिंह दोबारा करनाल गए तो उन्हें बताया गया कि बाबा अमरीक सिंह को पुलिस ने पकड़ लिया है और छोड़ने की एवज में छह करोड़ रुपये मांग रहे हैं। इसी तरह आरोपी गोविंद और उनके बड़े भाई को टालते रहे।
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। बाकी की तलाश में कई राज्यों में दबिश दी गई। इस बीच तीन आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया गया। इनके नाम अमजद अली निवासी छुटमलपुर, फतेहपुर, शरद गर्ग निवासी जगादरी, यमुनानगर और साहिल निवासी अमर विहार कॉलोनी, जगादरी हैं। एसएसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।