ऐसा नहीं कि इसकी शिकायत न हुई हो, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार आज तक मौन बने हुए हैं। जहां महिलाओं और पुरुषों के लिए लिए शौचालय बनना था वहां आज दुकानें चल रही हैं। हैरत की बात तो यह है कि शौचालयों के निर्माण के लिए एमडीडीए, नगर निगम, जिला प्रशासन सहित तमाम विभाग जमीन का रोना रोते हैं, लेकिन पलटन बाजार जहां शौचालयों के लिए छोड़ी जमीन पर दुकानें चल रही है, उस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
यह मामला संज्ञान में है। इस संबंध में दुकानदारों से बातचीत भी हुई थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि दुकानों के पीछे जमीन छोड़ दी जाएगी। लेकिन आज तक जमीन नहीं मिली है। पलटन बाजार में शौचालय की दिक्कत है। इसलिए प्रयास किया जाएगा कि जो जमीन शौचालय के लिए छोड़ी गई थी, उसी जगह या उसके बदले दूसरी जगह पर शौचालय का निर्माण हो जाए।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर देहरादून