जांच में पाया गया कि आरोपियों ने बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में गलत प्रविष्टियां की हैं। लेजर खातों में हेरफेर किया और अपने खातों में रकम ट्रांसफर की। कैश बैलेंस को वास्तविक स्थिति से अलग दर्शाया गया। दिन की समाप्ति के बाद खातों का सही मिलान नहीं किया गया। इससे बैंक की दैनिक लेखा प्रणाली को जानबूझकर प्रभावित किया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार यह सब काम बैंक के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के साथ मिलकर किया गया। पुलिस अधीक्षक सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
ये लोग हुए नामजद
- पूर्व सचिव आरके बंसल (अब मृत्यु हो चुकी)
- सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर इंजीनियर गणेश चंद्र वार्ष्णेय
- तत्कालीन शाखा प्रबंधक महावीर सिंह
- तत्कालीन शाखा प्रबंधक संजय गुप्ता
- कार्यकारी शाखा प्रबंधक विजय मोहन भट्ट