बाद में, उन्होंने पीड़ित को ढाई लाख रुपये वापस दिए और बाकी रकम लेकर भाग गए। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान रविवार शाम को आईआरबी द्वितीय के सिपाही अब्दुल रहमान (गांव जलालपुर, रुड़की), सिपाही सालम (निवासी गांव डोबरी, सहसपुर), प्रेमनगर थाने के सिपाही इकरार (निवासी नैहनपुर लक्सर), उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र के गांव जोताड़ी निवासी राजकुमार, मकूड़ी के रहने वाले राजेश रावत, चमोली के नंदा नगर क्षेत्र के गांव सुतो निवासी कुंदन सिंह और शिमला हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू के कंडा निवासी राजेश कुमार चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इसी क्रम में पुलिस ने सोमवार को रुड़की के टोडा कल्याणपुर के गांव जलालपुर के रहने वाले हसीन उर्फ अन्ना और जगदीशपुर, कनखल के रहने वाले प्रेम मोहन को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोर्ट में अभियोजन ने दिए मजबूत तर्क
पुलिस ने तीनों सिपाहियों अब्दुल रहमान, सालम, इकरार और अन्य चार आरोपी राजेश रावत, कुंदन सिंह, राजेश कुमार चौहान, राजकुमार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। यहां बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं सौरभ दुसेजा और अधिवक्ता गयूर ने न्यायिक अभिरक्षा का विरोध करते हुए कई तर्क दिए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई और तरीकों पर सवाल भी उठाए। इनके विरोध में अभियोजन की ओर से मजबूत तर्क दिए गए। इनके आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।