परमिंदर से भी ईडी ने करीब 10 दिनों तक कड़ी पूछताछ की। इसके बाद अब फिर पता चला कि बनमीत नरूला अपने घर पहुंचा है। इस पर ईडी ने उसे पूछताछ के लिए देहरादून ऑफिस बुलाया था। पूछताछ के बाद बनमीत को गिरफ्तार कर लिया गया था। इनके घर में रखे कंप्यूटर के वॉलेट में 268 बिटकॉइन जिनकी कीमत उस वक्त भारतीय रुपये में 130 करोड़ रुपये थी को भी जब्त किया गया।
पिछले साल से ही दोनों भाई न्यायिक अभिरक्षा में सुद्धोवाला जेल में बंद हैं। इन पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रोसीड ऑफ क्राइम का केस बना था। इन आरोप तय करने के लिए मंगलवार को स्पेशल ईडी न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल (जिला जज) की कोर्ट में सुनवाई हुई। ईडी के अधिवक्ताओं की ओर से अब तक की कार्रवाई को न्यायालय को बताते हुए दोनों पर आरोप तय करने की मांग की। बचाव के विरोध के बीच दोनों भाईयों पर धन शोधन अधिनियम की धारा तीन और चार के तहत आरोप तय कर दिए गए।