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देहरादून: आईएमसी का रजिस्ट्रार 20 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार, ऑफिस के बाहर से दबोचा  

Tue, 20 Apr 2021 01:55 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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रिश्वत - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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देहरादून में भारतीय चिकित्सा परिषद (आईएमसी) उत्तराखंड के रजिस्ट्रार को विजिलेंस ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। वह एक डिप्लोमा होल्डर से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 80 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। विजिलेंस आरोपी अधिकारी को मंगलवार को कोर्ट में पेश करेगी। 

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एसपी विजिलेंस (देहरादून सेक्टर) श्वेता चौबे ने बताया कि विकास कुमार निवासी झाझरा ने मामले में शिकायत की थी। विकास कुमार ने डिप्लोमा ऑफ आयुर्वेदिक मेडिशन (डीएएम) किया हुआ है। उसे अब प्राइवेट प्रैक्टिस करनी थी। लिहाजा, शासन के नियमानुसार उसे आईएमएसी उत्तराखंड से रजिस्ट्रेशन कराना था।

इसके लिए उसने बलवीर रोड स्थित परिषद के रजिस्ट्रार रणवीर पंवार से संपर्क किया। रणवीर पंवार ने विकास को कागजात लेकर अपने घर के पास ज्वेलर की दुकान के सामने बुलाया। उससे बतौर रिश्वत 80 हजार रुपये की मांग की। विकास कुमार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दिया और धनराशि देने में मजबूरी जताई। इस पर रणवीर पंवार 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने को तैयार हो गया। विकास कुमार पिछले दिनों रिजिस्ट्रेशन फार्म डॉ. सालिव सिद्दीकी के साथ जाकर पंवार को देकर आया। 
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इसके बाद से लगातार पंवार सिद्दीकी और विकास कुमार को फोन कर रिश्वत की रकम मांग रहा था। इस पर विकास ने विजिलेंस को शिकायत कर दी। 17 अप्रैल को शिकायत के बाद विजिलेंस ने गोपनीय जांच की और सोमवार ट्रैप के लिए टीम गठित की। रिश्वत के 50 हजार रुपये लेकर उसने सोमवार को ही अपने दफ्तर के बाहर विकास को बुलाया था। जैसे ही विकास ने रणवीर सिंह चौहान को रिश्वत की रकम 20 हजार रुपये थमाई पीछे से आई टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

डीआईजी ने की पुरस्कार की घोषणा 
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने टीम को इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए आगे भी सिफारिश करने की बात कही है।

लंबे समय बाद हुआ ट्रैप 
विजिलेंस देहरादून सेक्टर में लंबे समय बाद ट्रैप हुआ है। बीता एक साल तो लॉकडाउन और कोविड की तैयारियों और खतरे से निपटने में ही बीत गया। रिश्वत के साथ विजिलेंस ने किसी कर्मचारी को करीब दो साल बाद पकड़ा है। इसके लिए अधिकारियों ने अब जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है। 

जारी किया टोल फ्री नंबर 
सतर्कता निदेशालय उत्तराखंड देहरादून में एक हेल्पलाइन नंबर -18001806666 व 1064 जारी किया हुआ है। साथ ही कोई भी अपनी शिकायत व्हाट्एसप नंबर 9456592300 पर भी कर सकता है।

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