जिन विक्रम संचालकों से वादा किया था, उन्हें लाभ नहीं मिला तो हटे पीछे
विक्रम संचालकों के लिए सीएनजी या वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली वाहन खरीदने के लिए वाहन लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 3.5 लाख रुपये अनुदान देने की योजना लागू की गई। विक्रम संचालकों ने भी योजना में रुचि नहीं ली। विक्रम जनकल्याण सेवा समिति के सचिव संजय अरोरा कहते हैं कि योजना मार्च में लागू की गई, जबकि पहले ही 50 से अधिक लोग विक्रम को हटाकर सीएनजी वाहन ले चुके थे, उन सभी से वादा किया गया था कि उन्हें अनुदान का लाभ दिलाया जाएगा। ऐसा नहीं हो सका, इसलिए अन्य विक्रम संचालकों ने भी योजना में कोई रुचि नहीं ली।
संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में भी सार्वजनिक वाहन स्वामियों से अनुदान योजना का लाभ उठाने को कहा गया है, कई विक्रम व सिटी बस संचालक आगामी दिनों में योजना का लाभ लेकर डीजल वाहनों की जगह सीएनजी या ई वाहन खरीदने के लिए प्रयासरत हैं।
-सुनील शर्मा, आरटीओ, प्रशासन