हत्या के 10 साल बाद अब एसटीएफ ने आरोपी नागराज उर्फ तिलकराज को मुंबई से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड में लाकर थाना लमगड़ा अल्मोड़ा में दाखिल किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2014 में वह और मृतक गुलाब सिंह लीसा निकालने का कार्य कर रहे थे। आपस में उनकी अच्छी दोस्ती थी। हत्या की रात को दोनों साथ में खाना खा रहे थे। तभी मृतक गुलाब ने किसी बात पर गाली-गलौज की।
इससे नाराज होकर आरोपी ने सरिये से हमला कर हत्या कर दी और शव को पास के ही खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया। इससे पहले उसके चेहरे को तेजाब से जला दिया था ताकि शव की पहचान न हो सके। हत्या करने के बाद ही वह मुंबई चला गया और 10 सालों में नाम और वेष बदल कर होटलों में काम कर रहा था। आरोपी हर छह महीने में अपना ठिकाना बदलता था।