राजधानी में कुत्ते
नस्ल, संख्या
पिटबुल, 98
चाऊ, चाऊ, 13
जर्मन शेफर्ड, 656
लेब्राडोर, 735
मिक्स, 860
गोल्डन रोटवेयर, 261
भोटिया, 346
बीगल, 155
बॉक्सर, 22
रॉटविलर, 148
पग, 145
डेसहंड, 66
हस्की, 74
कॉकर स्पेनियल, 48
डालमेटियन, 12
तिब्बतन मसटिफ, 18
डोबरामैन, 22
पॉमेरेनियन, 334
ल्यासा एप्सो, 84
44 हजार स्ट्रीट डॉग का हो चुका है बंध्याकरण
नगर निगम की ओर से स्ट्रीट डॉग की संख्या को कम करने के लिए 2016 से प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक 44 हजार से अधिक स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है। अभी भी बंध्याकरण का अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
कुत्ता काटने वाला हो जाए तो की जाती है निगरानी
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर डीसी तिवारी ने बताया कि अगर कोई कुत्ता ज्यादा लोगों को काटता है तो शिकायत के बाद उसे कुछ समय तक निगरानी में रखा जाता है। रेबीज की जांच की जाती है। जब कुत्ते का व्यवहार ठीक हो जाता है तो उसे उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है। एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल और हाईकोर्ट के साफ आदेश हैं कि कुत्तों को उनके स्थान से दूसरी जगह नहीं छोड़ा जाएगा।