हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा मेरे मन में उत्तराखंडियत को सबल और सक्षम बनते देखने कर प्रबल इच्छा है। मैं अपनी सरकार के किसी भी फैसले पर, अपने किसी व्यक्तिगत आचरण और मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हूं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा शराब नीति समेत अपनी सरकार के समय लिए हर फैसले पर खुली बहस की चुनौती दी है। कहा कि चुनाव को देखते हुए निश्चित तौर आरोप-प्रत्यारोप लगेंगे लेकिन में व्यक्तिगत रूप से तू-तू, मैं-मैं में नहीं फंसना चाहता हूं।
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हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा मेरे मन में उत्तराखंडियत को सबल और सक्षम बनते देखने कर प्रबल इच्छा है। मैंने अपनी सरकार के माध्यम से, गहन अध्ययन व दूसरे देशों और राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं के तुलनात्मक विश्लेषण के बाद उत्तराखंडियत का एक रोडमैप राज्य में आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
इसमें कई पहल वर्तमान सरकार भी संचालित कर रही है। कहीं नाम बदलकर तो कहीं पूरे स्वरूप में परिवर्तन लाकर कर रही है। कभी-कभी जब मैं वर्तमान सरकार के प्रयासों का आलोचनात्मक समर्थन करता हूं तो पार्टी के लोग मेरे ऊपर लोग सवाल भी खड़े कर देते हैं लेकिन मैं अपनी सोच के मूल्य को केवल पार्टी तक सीमित नहीं मान रहा हूं।
मैं उसे राज्य की आवश्यकता और राज्य के लोगों की आकांक्षा से जोड़कर देखता हूं। मैं अपनी सरकार के किसी भी फैसले पर, अपने किसी व्यक्तिगत आचरण और मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हूं। लेकिन मुझे तू- तू, मैं-मैं में घसीटोगे तो फिर छननी के सौ छेद मुझे भी गिनवाने पड़ेंगे।