कुछ दिनों बाद सद्दाम ने कहा कि अब वह खुद को चिकित्सा परिषद की उत्तराखंड शाखा में रजिस्टर्ड करा सकता है। गुरफान ने खुद को परिषद में रजिस्टर्ड करा लिया। उसे लगा कि सारा काम एकदम सही है। वह प्रैक्टिस भी करने लगा। यह डिग्री भी राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस कर्नाटक की बताकर दी गई थी।
देहरादून का पता दर्शाकर कराया रजिस्ट्रेशन
फर्जी डॉक्टर गुरफान का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उसके पते को देहरादून महबूब कॉलोनी दर्शाया गया था। गुरफान का कहना है कि वह इस पते पर कभी आया भी नहीं था। तीन लोगों ने परिषद के बाहर ही उससे साढ़े छह लाख रुपये लिए थे। तीनों लोग खुद को आपस में भाई बता रहे थे। सीओ अनिल कुमार जोशी ने बताया कि इनमें से इमलाख और उसके एक भाई को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि, दो भाइयों को नामजद किया गया है।