सूचना मिलते ही प्रभागीय वन अधिकारी नीरज कुमार और वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति अस्पताल पहुंचे और घायल की कुशलक्षेम पूछी। वन विभाग की ओर से उपचार के लिए त्वरित राहत राशि मुहैया कराकर जल्द उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि क्षेत्र में गन्ने व धान की खेती और बांस अधिक होने से इन दिनों हाथियों आवाजाही अधिक बढ़ गई है। बताया कि समूचे लच्छीवाल वन क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में राउंड दी क्लॉक गश्त शुरू कर दी गई है।