एक हजार रुपये देकर एक युवा का डाटा खरीदते हैं ठग
पूछताछ में बताया, वे कुछ एजेंसियों से युवाओं का डाटा खरीदते हैं। इसके लिए प्रति युवा के डाटा के लिए एक हजार रुपये दिए जाते हैं। इस डाटा में उनकी सारी जानकारी होती है। मसलन उनकी क्या पढ़ाई है वे किस दिशा में नौकरी खोज रहे हैं, किस क्षेत्र में उनकी रुचि है आदि। इस हिसाब से ही उन्हें जॉब का ऑफर दिया जाता है। वे कॉल करने के लिए 800 रुपये में एक प्रीएक्टिवेटेड सिम खरीदते हैं।
इस तरह होती है ठगी
आरोपी एक युवा को फोन करते हैं। उन्हें एक कंपनी में नौकरी का झांसा दिया जाता है। सबसे पहले उनका एक ऑनलाइन टेस्ट लिया जाता है। टेस्ट के लिए उनसे 250 रुपये लिए जाते हैं। बेहद मामूली प्रश्नों को पूछा जाता है। पास दर्शाकर उनसे नौकरी की प्रक्रिया पूरी करने को कहा जाता है। इसके लिए उनसे कुछ हजार रुपये लिए जाते हैं। इंटरव्यू भी ऑनलाइन लिया जाता है। इसके बाद 20 से 30 हजार रुपये तक लेकर उन्हें एक जॉब ऑफर लेटर फर्जी तरीके से ऑनलाइन भेज दिया जाता है। एक खाते में वह चार से पांच लाख रुपये ही जमा कराते हैं। इसके बाद दूसरे खाते का इस्तेमाल किया जाता है।