सचेत रहें और दूसरों को भी सावधान करें
- ऐसा कोई भी खाता जारी नहीं किया गया है। सेना या सरकार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
- ऐसा कोई भी संदेश मिले तो इसे नजरअंदाज करें और आगे भी फॉरवर्ड न करें।
- यह सिर्फ खाता है ठग इस तरह से क्यूआर कोड भी वायरल कर सकते हैं। लिहाजा सचेत रहें।
- अपने आसपास और मित्रों से भी इस तरह के मैसेज से दूर रहने को कहें।
- सेना, सरकार या सेलिब्रिटी की ओर से बताए गए इस तरह के संदेश के बारे में स्थानीय पुलिस को बताएं।
- एआई का इस्तेमाल करते हुए कोई वीडियो भी वायरल की जा सकती है इस पर भी ध्यान न दें।
कोरोना काल में खूब हुई थी ठगी
इस तरह की तरकीब से कोरोना काल में साइबर ठगों ने खूब ठगी की थी। उस वक्त सरकार की मदद के लिए क्यूआर कोड, खाता नंबर और मोबाइल नंबर वायरल किए गए थे। कभी वैक्सीन प्रोग्राम में मदद के लिए तो कभी अस्पताल में व्यवस्थाएं बढ़ाने के लिए सरकार की अपील को बताया गया था। जबकि, जनता के अंशदान के लिए उस वक्त भी सरकार ने ऐसा कोई मोबाइल नंबर, खाता नंबर या क्यूआर कोड जारी नहीं किया था।