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Dehradun: सीबीआई कोर्ट का फैसला, केसीसी घोटाले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक समेत दो को सजा

Fri, 10 Apr 2026 09:57 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

बैंक प्रबंधक ने ट्रैक्टर डीलर और किसानों से मिलीभगत कर दो करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया था। खेती की जरूरतों के लिए मिले इस ऋण को दूसरे कामों में प्रयोग में लाया गया जिसमें ट्रैक्टर डीलर के खाते का इस्तेमाल हुआ।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) घोटाले में स्पेशल जज सीबीआई मदन राम की कोर्ट ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक और एक किसान को सजा सुनाई है। पूर्व प्रबंधक को चार साल कैद व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जबकि, किसान को एक साल की कैद व उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा है।

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बैंक प्रबंधक ने ट्रैक्टर डीलर और किसानों से मिलीभगत कर दो करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया था। खेती की जरूरतों के लिए मिले इस ऋण को दूसरे कामों में प्रयोग में लाया गया जिसमें ट्रैक्टर डीलर के खाते का इस्तेमाल हुआ। सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार मार्च 2017 में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर में हुए इस घोटाले की सीबीआई को शिकायत महाप्रबंधक पूरनचंद ने की थी।

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इस पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामअवतार सिंह दिनकर, मैसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट व अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2014-15 के दौरान दिनकर ने अयोग्य लाभार्थियों को 2.85 करोड़ रुपये का केसीसी लोन दिया। ट्रैक्टर डीलर के साथ मिलीभगत कर इस धनराशि को गैर कृषि उद्देश्यों में ट्रांसफर किया गया जिससे बैंक को 3.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

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इसके अलावा कृषि टर्म लोन बिना मार्जिन मनी के स्वीकृत किए गए। इसे केसीसी के माध्यम से समायोजित कर पूरी राशि डीलर के खाते में ट्रांसफर कर दी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिनकर ने मोहम्मद फुरकान, इरशाद हुसैन, अजीत सिंह, मंगल सिंह और श्याम सुंदर सिंह के साथ साजिश कर फर्जी दस्तावेज के आधार पर ऋण स्वीकृत और वितरित किए। इससे बैंक को 55.48 लाख रुपये का और नुकसान हुआ। इस मामले में मोहम्मद फुरकान, इरशाद हुसैन और अजीत सिंह ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिससे उन्हें अलग से दोषी ठहराया गया।

मंगल सिंह की मृत्यु हो गई थी जिससे उसका केस बंद हो गया। इस मुकदमे में सीबीआई ने कुल 36 गवाह पेश किए। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी रामवतार सिंह दिनकर को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई। जबकि, किसान श्याम सुंदर सिंह को एक साल कारावास की सजा हुई है।
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