अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोशल बलूनी स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। इस पाठशाला में एसटीएफ डीएसपी पूर्णिमा गर्ग और उनके सहयोगी कुलदीप टम्टा ने गुरु की भूमिका निभाई। पाठशाला में मुख्य विषय साइबर अपराध रहा। इस दौरान उन्होंने छात्रों को साइबर अपराध और इससे बचने के उपाय बताए।
डीएसपी पूर्णिमा गर्ग ने कहा कि इस समय इंटरनेट पर निर्भरता काफी बढ़ गई है। इसमें लोग घर बैठे-बैठे साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं। इसमें सिर्फ धन की ही हानि नहीं हो रही है। बल्कि, चरित्र की हानि भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से की जा रही है।
ऐसे में जरूरी है कि इंटरनेट का इस्तेमाल संभलकर किया जाए। पाठशाला में बच्चों को साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय विस्तार से बताए गए। इस दौरान प्रिंसिपल पंकज नौटियाल, एकेडमिक हेड ब्रिगेडियर (सेनि.) विनोद पसबोला व अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्रोफाइल लॉक तो आप सुरक्षित
सामाजिक रहने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग जरूर करें, लेकिन इसके लिए सुरक्षित भी रहना जरूरी है। ऐसे में जरूरी है कि विभिन्न सोशल मीडिया वेबसाइट पर आप अपने प्रोफाइल को लॉक कर दें। इससे आप सदा के लिए सुरक्षित बने रह सकते हैं।
ओटीपी सिर्फ अपने तक
ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड। यह कुछ देर या घंटे के लिए हो सकता है। यदि आप कोई ट्रांजेक्शन कर रहे हैं, इसका पता सिर्फ आपको ही होना चाहिए।
एटीएम में जाएं हर तरफ देखें
छात्रों को बताया गया कि यदि एटीएम से कोई ट्रांजेक्शन होता है तो इससे पहले हर तरफ जांच लें। वहां पर कोई कैमरा तो नहीं लगाया गया है। यदि ऐसा है तो आपके साथ एटीएम कार्ड क्लोनिंग का अपराध हो सकता है।
इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर न खोजें
इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजने की कोशिश न करें। यदि खोजना है तो आप असली वेबसाइट पर हैं या नहीं। इस बात की तस्दीक कर लें। कहीं, ऐसा न हो कि आप किसी साइबर ठग के चंगुल में जा फंसें।
ट्रैफिक रूल के बारे में भी बताया
डीएसपी और उनके सहयोगी ने छात्रों को समाज में पुलिस की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। लोग पुलिस की एक गलती पर उन्हें बुरा भला कहते हैं, लेकिन 24 घंटे सड़कों पर खड़े रहने वाले यही पुलिसवाले जब किसी घायल की जिंदगी बचाते हैं तो उसके लिए वह किसी फरिश्ते से कम नहीं होते हैं।