पशु क्रूरता पर जताया दुख
राष्ट्रपति ने कहा, 1875 से 1925 तक की अवधि में 80 हजार से अधिक बाघों, डेढ़ लाख से अधिक तेंदुओं और दो लाख से अधिक भेड़ियों का शिकार लोगों को प्रलोभन देकर कराया गया। जब वे ऐसे म्यूजियम में जाती हैं, जहां पशुओं की खाल या कटे सिर को दीवारों पर सजाया गया है, तो ऐसा लगता है कि वह प्रदर्शन मानव सभ्यता के पतन की कहानी कह रहे हैं।
महिला अधिकारियों को दी विशेष बधाई
राष्ट्रपति ने 10 महिला अधिकारियों को बधाई दी। कहा, वे समाज के प्रगतिशील बदलाव की प्रतीक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में महिला अधिकारियों की संख्या और भी बढ़ेगी।
‘जनजातीय लोगों का अर्जित करें स्नेह और विश्वास’
राष्ट्रपति ने अफसरों से अपील की कि वे जब अपने कार्यक्षेत्र में जाएं तो वहां के जनजातीय लोगों के बीच समय बिताएं। उनका स्नेह एवं विश्वास अर्जित करें। वहां के समाज की अच्छी आदतों एवं जीवन शैली से सीखें और उनका प्रचार-प्रसार भी करें। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता के मानकों में सुधार के लिए कार्य करें। आपका कार्य ऐसा हो जो उस क्षेत्र के बच्चों को वन सेवा के क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करे।