देहरादून एयरपोर्ट के फेज टू का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट पर विमानों के पार्किंग स्टैंड्स की संख्या 11 से बढ़कर 20 हो जाएगी। ऐसे में यहां दस छोटे और दस बड़े विमान आसानी से खड़े किए जा सकेंगे। इसके तैयार होने के बाद दिल्ली में खराब मौसम या आपात स्थिति में विमानों को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आसानी से लैंड कराया जा सकेगा।
एयरपोर्ट महाप्रबंधक प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि कार्य पूरा होने के बाद टर्मिनल का एरिया बढ़कर 42776 वर्ग मीटर हो जाएगा। यह पुराने टर्मिनल के मुकाबले करीब दस गुना ज्यादा जगह होगी। नए टर्मिनल का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
अभी फिलहाल यहां 28729 वर्ग मीटर के हिस्से से काम चलाया जा रहा है। जिसकी क्षमता पीक ऑवर्स में 1200 पैसेंजर है। जबकि टर्मिनल का काम पूरा होने के बाद यह क्षमता बढ़कर 1800 पैसेंजर तक पहुंच जाएगी। वहीं चैक-इन काउंटर भी 36 हो जाएंगे। ऐसे में यात्रियों को चैकिंग आदि में लगने वाले समय की बचत होगी।
दिल्ली की एयर ट्रैफिक की समस्या भी होगी कम
प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि फेज टू का काम पूरा होने के बाद 10 पार्किंग स्टैंड्स कोड-सी (बडे एयरक्राफ्ट) और 10 पार्किंग स्टैंड्स कोड-बी (छोटे एयरक्राफ्ट) को आराम से एयरपोर्ट पर खड़ा किया जा सकेगा। इससे देहरादून आने वाले विमानों के साथ ही आसपास के अन्य एयरपोर्ट को भी इसका लाभ मिलेगा।
सबसे बड़ा फायदा दिल्ली एयरपोर्ट पर होगा। क्योंकि दिल्ली लैंड वाली फ्लाइट्स को खराब मौसम या आपात स्थिति में डायवर्ट कर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड कराया जा सकेगा। वहीं दिल्ली में एयर ट्रैफिक की समस्या पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। वहीं आसपास के एयरपोर्ट जैसे लखनऊ, जम्मू, श्रीनगर आदि में खराब मौसम या दूसरी तकनीकी समस्या आने पर वहां के विमानों की लैंडिंग भी देहरादून में कराई जा सकेगी।
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ग्रेड-2 हुआ एयरपोर्ट तो प्रभाकर मिश्रा हुए महाप्रबंधक
2022-23 में देहरादून एयरपोर्ट की यात्री संख्या 15 लाख पार करने पर हाल ही में देहरादून एयरपोर्ट को ग्रेड-3 से ग्रेड-2 में शामिल किया है। जिसके बाद प्रभाकर मिश्रा अब संयुक्त महाप्रबंधक से महाप्रबंधक हो गए हैं। उनका यह पद एयरपोर्ट ऑथारिटी ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर के समकक्ष हो गया है।