रेड जोन -
रेड जोन ऐसे इलाके होते हैं, जहां कोरोना वायरस के काफी संख्या में पॉजिटिव केस सामने आए हैं। ऐसे इलाके जिन्हें हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और वहां फिर भी नए मामले सामने आते हैं, उन्हें भी रेड जोन में रखा जाता है। ऐसे इलाकों में हर तरह की गतिविधि प्रतिबंधित रहती है। लोगों को लॉकडाउन का सख्ती से पालन करना होता है। बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलने की छूट रहती है।
ऑरेंज जोन -
ऑरेंज जोन में ऐसे जगहों को शामिल किया जाता है, जहां पॉजिटिव केस आए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। दूसरे शब्दों में कहें तो रेड जोन घोषित होने के बाद से अगले 14 दिनों तक कोरोना पॉजिटिव का मामला सामने नहीं आता है तो ऐसे इलाके को ऑरेंज जोन घोषित कर देते हैं। यहां लोगों को रेड जोन की तुलना में काफी सहूलियतें दी जाती हैं।
ग्रीन जोन -
ऑरेंज जोन घोषित होने के अगले 14 दिनों तक कोरोना वायरस का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आता है तो ऐसे इलाके को ग्रीन जोन घोषित किया जाता है। ऐसे जिले या इलाके में लोगों को रेड और ऑरेंज जोन की तुलना में ज्यादा छूट रहती है।