रेडीबुक बैटिंग एप का हो रहा था इस्तेमाल
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह रेडीबुक बैटिंग एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित करता था। आरोपियों को एप की यूजर आईडी और पासवर्ड दिल्ली-गुरुग्राम में रहने वाला सुमित यादव उपलब्ध कराता था। सुमित यादव को यह एक्सेस दुबई से मिलता था। इसके बाद आरोपी नए यूजर बनाकर उनसे रकम जमा कराते और ऑनलाइन सट्टा खिलवाते थे।
सुमित यादव है असली मास्टरमाइंड
पुलिस को जानकारी मिली है कि दून में पकड़े गए सट्टा लगवाने गिरोह का असली मास्टर माइंड सुमित यादव है। वह पहले महादेव बैटिंग एप और उसके संचालक सौरभ चंद्राकर से भी जुड़ा रहा है। भारत में महादेव एप के प्रतिबंधित होने के बाद उसने रेडीबुक बैटिंग एप के जरिये काम शुरू किया। दोनों एप भारत में प्रतिबंधित हैं और इन्हें दुबई से संचालित किया जा रहा है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।