पूर्व में भी अस्पताल प्रबंधन से की थी शिकायत
डॉ. शशांक जोशी के मुताबिक कुछ महीने पूर्व उन्होंने मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन से लिखित में शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने विभागाध्यक्ष पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि इस पर अस्पताल प्रबंधन ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। पीड़ित डॉक्टर का कहना है कि जब से उन्होंने अस्पताल में कार्यभार संभाला है, तभी से मानसिक पीड़ा से जूझ रहे हैं। ऐसे में मरीजों का उपचार करना खासा मुश्किल हो रहा है।
शुक्रवार को तकनीशियन के माध्यम से छुट्टी के प्रार्थनापत्र को डॉक्टर शशांक के पास भेजा गया था, लेकिन वे उस पर बिना साइन किए ही ओपीडी से चले गए। इसके अगले दिन भी जब उन्होंने साइन नहीं किए, तो वे खुद उनकी ओपीडी में गए और इसके पीछे का कारण पूछा, इस पर वे भड़क गए।
- डॉ. दौलत सिंह, विभागाध्यक्ष कैंसर रोग, दून अस्पताल
दोनों चिकित्सकों के पक्ष को सुना गया है। इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। फिलहाल दोनों चिकित्सकों की इकाइयों को बदल दिया गया है।
-डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज