अब आगामी 19 मार्च को अदालत में आरोप तय किए जाएंगे, जिसके बाद मामले में नियमित सुनवाई शुरू होगी। इस चर्चित हत्याकांड पर अब पीड़ित परिवार की नजरें अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की तेजी से सुनवाई हो और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले पुलिस इस पर काम कर रही है। इस मामले में न्यायालय में कठोरतम सजा के लिए पैरवी की जाएगी।
एसआईटी ने माना दुर्लभतम मामला
गुंजन की हत्या के मामले की जांच के लिए एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने चार्जशीट में इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर (दुर्लभतम) श्रेणी में रखा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीदों के बयानों, घटना स्थल से मिले सुबूतों को विवेचना में शामिल करते हुए मात्र तीन दिनों में एसआईटी ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित कर दिया था। एसआईटी ने दिन-रात काम करते हुए घटनास्थल व उसके आस-पास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। घटनास्थल पर फारेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन किया। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों व अन्य गवाहों के तत्काल बयान लिए गए। इस मामले में 35 गवाहों के बयान हुए हैं।