दूसरा मामला रायपुर थाने का है। यहां राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश कुमार की शिकायत पर खुशी, परी और स्वाति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। तीनों ने तहसील सदर के अपनी सरकार पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। जांच में आवेदनों के साथ लगाए गए आधार कार्ड और शपथपत्र कूटरचित पाए गए। दस्तावेजों में दर्ज पते की स्थलीय जांच कराई गई तो तीनों वहां निवास करती नहीं मिलीं। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एमबीबीएस में दाखिले के लिए बनवाए थे प्रमाणपत्र
स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े मामले में दर्ज प्राथमिकी में चार छात्राएं तृप्ति, खुशी, परी और स्वाति नामजद हैं। चारों पर आरोप है कि उन्होंने पात्रता न होते हुए भी फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। प्रशासन की संस्तुति पर एचएनबी मेडिकल विवि ने स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के तहत राज्य में हुए इन चारों के एमबीबीएस दाखिले रद्द कर दिए हैं।