साथ ही तहसील के पास पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप भी कब्जे में लिए गए हैं। यहां भी भारी अनियमितताएं पाई गई थीं। निरीक्षण के दौरान पवन फर्स्वाण के केंद्र पर अनियमितता पाई गई। यहां पर कई ओरिजनल दस्तावेज मिले और रजिस्टर भी अपडेट नहीं किया गया था। पूनम खन्ना और पारूल बंसल के जन सेवा केंद्र की आईडी भी निरस्त किया जाएगा।
निर्धारित से अधिक वसूले जा रहे थे सेवाओं के शुल्क
एसडीएम सदर ने बताया कि कई केंद्रों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी। प्रशासन की टीम ने जब औचक निरीक्षण किया तो यहां पर पाया गया कि विभिन्न सेवाओं के जो निर्धारित शुल्क है उससे कहीं अधिक शुल्क वसूला जा रहा था। किसी सेवा का शुल्क 50 रुपये है तो इसके स्थान पर जल्दी काम कराने का झांसा देकर 100 रुपये तक वसूले जा रहे थे। इसी तरह कई-कई गुना शुल्क सेवाओं के वसूले जा रहे थे।
जन सेवा केंद्र आमजन को विभिन्न सरकारी सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आमजन की सुविधा से जुड़े इन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- डॉ. अपूर्वा सिंह, एसडीएम सदर