देहरादून के दून स्कूल में कॉलेज बोर्ड संस्था की ओर से कराए जा रहे स्कॉलेस्टिक एसेसमेंट टेस्ट, सैट में बिना कोविड रिपोर्ट पहुंचे छात्रों को द दून स्कूल प्रशासन ने परीक्षा से रोक दिया। छात्रों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। जिसके बाद डीएम के निर्देश पर उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका मिला।
दरअसल, कॉलेज बोर्ड संस्था की ओर से शनिवार को आयोजित हुए सैट एग्जाम के लिए द दून स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। काफी संख्या में छात्र परीक्षा देने दून स्कूल पहुंचे। इस बीच स्कूल प्रशासन ने उन सभी छात्रों को प्रवेश देने से इंकार कर दिया, जिनके पास कोविड-19 की रिपोर्ट नहीं थीं। कुछ अभिभावकों ने इस पर विरोध जताया। मौके पर कई लोग एकत्र हो गए।
बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष प्रकाश टी पाल और भाजपा के प्रदेश मंत्री एवं वरिष्ठ छात्र नेता आदित्य चौहान भी छात्रों को परीक्षा दिलाने के समर्थन में स्कूल पहुंच गए। स्कूल प्रशासन के साथ अभिभावकों की नोक-झोंक भी हुई। इसके बाद मामले की सूचना उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव को दी। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत एडीएम प्रशासन अरविंद पांडेय को मौके पर भेजा। एडीएम ने मौके पर पहुंच स्कूल प्रबंधन से बात कर छात्रों को एग्जाम में बैठाने की बात कही। उन्होंने कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराते हुए एग्जाम संपन्न करवाया।
व्हाट्सएप के जरिये सुबह सूचना मिली कि दून स्कूल में सैट एग्जाम में कोविड रिपोर्ट न होने के चलते करीब 50 छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जिसके बाद एडीएम को मौके पर भेज एग्जाम दिलवाने के निर्देश दिए। कोरोना काल में स्कूल बंद हैं। ऐसे में सभी बच्चों को कोरोना गाइडलाइन के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए परीक्षा दिलवाई गई।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
सैट परीक्षा पूरे वर्ष भर नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती है और इसका प्रबंधन कॉलेज बोर्ड संस्था द्वारा किया जाता है। कोविड-19 की स्थिति के कारण, कॉलेज बोर्ड की वेबसाइट स्पष्ट रूप से बताती है कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र के प्रवेश संबंधी अपने निर्देश हो सकते हैं एवं उम्मीदवारों से परीक्षा केंद्र की वेबसाइट देखना तथा परीक्षा केंद्र द्वारा दिए गए के निर्देशों का पालन करना अपेक्षित है। दून स्कूल की वेबसाइट काफी पूर्व से ही अपने होमपेज पर टेस्ट सेंटर प्रोटोकॉल जारी किया गया था। उम्मीदवारों को कोविड रिपोर्ट लेकर आना था लेकिन वह नहीं लाए। बाद में कॉलेज बोर्ड से बात करके उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई।
- कृतिका, ऑफिसर, डेवलपमेंट्स एंड एल्युमिनाई रिलेशंस एंड कम्यूनिकेशन