हाथरस कांड के विरोध में नगर निगम और केआरएल सफाई कर्मचारियों ने एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया। सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उचित उपचार न मिलने के चलते दुष्कर्म पीड़िता की मौत हो गई। कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री से पीड़ित परिवार को एक करोड़ के मुआवजे, सरकारी नौकरी और गांव से बाहर घर देने की मांग की।
नगर निगम और केआरएल के सभी सफाई कर्मचारी शनिवार को नगर निगम परिसर में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने पहले हाथरस दुष्कर्म कांड पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। नगर निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संयोजक सुरेंद्र तेश्वर ने कहा कि समाज की बिटिया के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई।
ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले लोगों को तत्काल फांसी मिलनी चाहिए। प्रदेश महामंत्री राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि पीड़िता को उचित उपचार न मिलना सीधे तौर पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है।
उन्होंने कहा अब पीड़ित परिवार को भी जानमाल का खतरा है। इसलिए उत्तरप्रदेश सरकार को पीड़ित परिवार को गांव से बाहर घर देना चाहिए। साथ ही मुआवजा और सरकारी नौकरी भी मिलनी चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संगठन के गढ़वाल मंडल प्रभारी गगन कांगड़ा ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दुष्कर्म मामले की सुनवाई होनी चाहिए।
इससे आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर आरोपियों का फांसी नहीं मिली तो अनुसूचित समाज बड़े स्तर पर आंदोलन को मजबूर होगा। इसके बाद कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
विरोध जताने वालों में पार्षद विनीत जौली, आत्माराम बेनीवाल, नरेश चनियाना, अरविंद चंचल, सुनील राजौर, राजेंद्र चुटैला, मनममोहन द्रविड़, प्रवीण्ध तेश्वर, राजेश छाछर, आनंद कांगड़ा, सलेक चंद, अशोक, शिवकुमार, संजय पेवल, अनुराग, सुनील बेदी, जुगनू कांगड़ा, सुभाष खैरवाल, सतीश कुमार, संजीव बाबा, दीपक चावरिया, काका हवलदार, मुकेश चंचल, विकास, कुसुम पाल, बलराम आदि कर्मचारी शामिल रहे।
केआरएल कर्मचारियों ने की नारेबाजी
केआरएल कर्मचारियों ने भगत सिंह चौक स्थित कार्यशाला में हाथरस दुष्कर्म पीड़िता को इंसाफ की मांग को प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने उत्तरप्रदेश सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी। कर्मचारी नेता समीर वैध ने कहा कि जब तक दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी नहीं मिलती तब तक समाज का विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने सरकार से ऐसी जघन्य घटनाओं को रोकने के लिए कठोरतम कानून बनाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सत्या सेमल, विपिन वैध, चंदू, चिराग कुमार, प्रमोद शर्मा, अभिषेक पांडेय, प्रमोद गुर्जर, आशीष रातभर, रोहित, ऋषिपाल, भूरे, अर्जुन वैध, रॉबिन, रवि, मनोज, लाला आदि केआरएल कर्मचारी शामिल रहे।