ऐसे होता था काम
लैब को जितेश कुमार संचालित करता है। राहुल इसके ऑफिस का काम देखता है। कुलवीर और गौरव ने उन्हें इस तरह परीक्षा में नकल कराने के बारे में बताया था। कुलवीर की सेंट जेवियर स्कूल कैनाल रोड के पास ऑनलाइन एग्जामिनेशन नाम से एक कंप्यूटर लैब है। गौरव यादव और राहुल विभिन्न संस्थानों में प्रवेश दिलाने के लिए छात्रों से संपर्क करते हैं। उन्हें परीक्षाओं का फॉर्म भरवाकर एडमिट कार्ड उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके बाद गौरव और कुलवीर के साथ मिलकर विभिन्न लैब से बातचीत कर परीक्षार्थियों के ऑनलाइन परीक्षा के दौरान पेपर हल कराते हैं।
एनी डेस्क सॉफ्टवेयर के माध्यम से जमा कराते हैं पेपर
ये लोग अलग-अलग लैब में कुछ कंप्यूटर सिस्टम को सर्वर रूम से पहले से ही एक्सेस ले लेते हैं। जिन परीक्षार्थियों के पेपर सॉल्व करवाने होते है, उन्हें पहले से ही एक्सेस पर लिए गए कंप्यूटर सिस्टम पर बैठाया जाता है। सर्वर रूम में बैठकर एनी डेस्क सॉफ्टवेयर के माध्यम से पेपर सॉल्वर पेपर को ऑनलाइन सॉल्व कर वहीं से जमा करा लेते हैं। पेपर सॉल्वर बीच-बीच में ऑनलाइन पेपर के स्क्रीनशॉट बाहर बैठे व्यक्तियों व परीक्षार्थियों को भी भेजता रहता है, जिससे उन्हें पेपर सॉल्व होने की जानकारी मिलती है।