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Dehradun: निवेश के नाम पर की 1.32 करोड़ की ठगी, एसटीएफ ने आरोपी को राजस्थान से किया गिरफ्तार

Fri, 08 May 2026 11:43 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

पीड़ित को एक फर्जी लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया गया और अलग-अलग बैंक खातों व यूपीआई के जरिए करीब 1.32 करोड़ रुपये निवेश करा लिए गए। कुछ समय बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ
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ठगी का आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक और सदस्य रिंकू को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में पैसा लगवाते थे। मामले में अब तक कुल पांच शातिर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

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एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी कि अक्तूबर से दिसंबर 2025 के बीच उसे 71 वेल्थ इनहैंसमेंट नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में कथित तौर पर रजत वर्मा और मीना भट्ट नाम के लोगों ने प्रतिदिन पांच प्रतिशत से अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया। इसके बाद पीड़ित को एक फर्जी लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया गया और अलग-अलग बैंक खातों व यूपीआई के जरिए करीब 1.32 करोड़ रुपये निवेश करा लिए गए।

कुछ समय बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में साइबर क्राइम थाना देहरादून में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान एसटीएफ ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण किया। विवेचना में पता चला कि गिरोह के तीन सदस्य महाराष्ट्र निवासी हैं, जो किसी अन्य मामले में पटियाला जेल में बंद थे। उन्हें वारंट पर देहरादून लाकर जेल भेजा गया। वहीं एक अन्य आरोपी अरवाज सैफी को पहले ही गाजियाबाद से गिरफ्तार किया जा चुका है।
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अब एसटीएफ ने राजस्थान के झुंझुनूं जिले से रिंकू(22) को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से दो लाख रुपये रिंकू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जिन्हें उसने सेल्फ चेक के जरिये निकाल लिया था। पुलिस के अनुसार रिंकू के बैंक खाते से देश के कई राज्यों में साइबर ठगी की 16 शिकायतें जुड़ी मिली हैं।

एसटीएफ ने लोगों से बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन किसी से साझा न करने तथा फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने की अपील की है।
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