पेंशन, चिकित्सा बलिदान व प्रतिबद्धता के प्रति सम्मान का एक छोटा प्रतीक
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को प्रदान की जा रही पेंशन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उनके बलिदान और प्रतिबद्धता के प्रति देश के सम्मान का एक छोटा सा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का हर सैनिक कल का सम्मानित पूर्व सैनिक है। उनका कल्याण और संतुष्टि सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। पूर्व सैनिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए रक्षा पेंशन शिकायत निवारण पोर्टल का जिक्र किया।
’मां भारती के सपूत’ के जरिये लोग दे सकते हैं योगदान
उन्होंने पिछले साल अक्तूबर में लॉन्च ’मां भारती के सपूत’ वेबसाइट का भी जिक्र किया। लोग इस पोर्टल के जरिए सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने इसे पूर्व सैनिकों के कल्याणकारी प्रयासों से नागरिकों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से की बात
रैली के दौरान जसवंत मैदान में कई स्टॉल लगाए गए। रक्षा मंत्री सिंह ने इस दौरान पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए शहीद हुए सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वीर सैनिकों के परिवारों और आश्रितों को सहायता प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
शौर्य स्थल को किया समर्पित
इससे पहले एक पुष्पांजलि समारोह में रक्षा मंत्री ने देहरादून छावनी में सशस्त्र बलों को शौर्य स्थल समर्पित किया। इस युद्ध स्मारक में सात स्तंभ हैं जिन पर उत्तराखंड के 1,400 शहीदों के नाम हैं। भारतीय सेना और छावनी बोर्ड शौर्य स्थल के पूर्ण प्रबंधन और रखरखाव और सभी गतिविधियों तथा समारोहों के संचालन के लिए उत्तरदायी होंगे।
’सोल ऑफ स्टील’ अल्पाइन चैंलेज किया लॉन्च
रक्षा मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहल ’सोल ऑफ स्टील’ अल्पाइन चैलेंज भी लॉन्च किया। उन्होंने भारतीय सेना और पूर्व सैनिकों के एक संगठन के क्लॉ ग्लोबल की इस संयुक्त पहल के तहत विभिन्न रोमांचक कार्यक्रमों के लिए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए स्वयंसेवकों के लिए एक वेबसाइट शुरू की। भारतीय सेना और क्लॉ के एक संयुक्त अभियान दल के हिस्से के रूप में सिंह ने 460 किलोमीटर लंबी कार रैली ’रोड टू द एंड’ को भी झंडी दिखाकर रवाना किया।