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Dehradun: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की सोल ऑफ स्टील अभियान की शुरुआत, बलिदानी सैनिकों को दी श्रद्धांजलि

Sat, 14 Jan 2023 01:01 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही सीडीएस जनरल अनिल चौहान भी देहरादून पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत किया। शौर्य स्थल का लोकार्पण करने के बाद रक्षा मंत्री अब शहीद जसवंत सिंह मैदान में वेटरन रैली में हिस्सा लिया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे देहरादून - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि सशस्त्र बलों के जवानों की निस्वार्थ भक्ति और बलिदान के कारण देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं और अपना सिर ऊंचा कर चलते हैं। हमारे वीर सैनिकों ने दुनियाभर में भारत की छवि को एक शक्तिशाली और सम्मानित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

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आप सभी हमारी एकता और अखंडता के रक्षक हैं। आप राष्ट्र की परिसंपत्ति हैं। हम शांति से सोते हैं क्योंकि आप सीमा पर जाग रहे होते हैं। आपका कल्याण सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। रक्षा मंत्री ने यह बात देहरादून में सातवें सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस पर पूर्व सैनिकों की विशाल रैली में कही।

उन्होंने अद्वितीय साहस और बलिदान के साथ देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही अपने कर्तव्यों के निर्वाह के लिए अपने प्राणों का न्योछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले सशस्त्र बल के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपकी देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में बहुत बड़ा योगदान है।
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हम आपकी वजह से गर्व के साथ खड़े हो सकते हैं। आपकी वीरता की सराहना के लिए शब्द काफी नहीं हैं। स्वतंत्रता सेनानियों की सहायता करने वाले वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जैसे नायक उत्तराखंड के रहने वाले थे। कारगिल युद्ध के दौरान राज्य के सैनिकों ने शत्रु के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर और अडिग भावना के साथ देश की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रैली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी शामिल हुए।

पेंशन, चिकित्सा बलिदान व प्रतिबद्धता के प्रति सम्मान का एक छोटा प्रतीक
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को प्रदान की जा रही पेंशन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उनके बलिदान और प्रतिबद्धता के प्रति देश के सम्मान का एक छोटा सा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का हर सैनिक कल का सम्मानित पूर्व सैनिक है। उनका कल्याण और संतुष्टि सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। पूर्व सैनिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए रक्षा पेंशन शिकायत निवारण पोर्टल का जिक्र किया। 

’मां भारती के सपूत’ के जरिये लोग दे सकते हैं योगदान
उन्होंने पिछले साल अक्तूबर में लॉन्च ’मां भारती के सपूत’ वेबसाइट का भी जिक्र किया। लोग इस पोर्टल के जरिए सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने इसे पूर्व सैनिकों के कल्याणकारी प्रयासों से नागरिकों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। 

पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से की बात
रैली के दौरान जसवंत मैदान में कई स्टॉल लगाए गए। रक्षा मंत्री सिंह ने इस दौरान पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए शहीद हुए सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वीर सैनिकों के परिवारों और आश्रितों को सहायता प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

शौर्य स्थल को किया समर्पित
इससे पहले एक पुष्पांजलि समारोह में रक्षा मंत्री ने देहरादून छावनी में सशस्त्र बलों को शौर्य स्थल समर्पित किया। इस युद्ध स्मारक में सात स्तंभ हैं जिन पर उत्तराखंड के 1,400 शहीदों के नाम हैं। भारतीय सेना और छावनी बोर्ड शौर्य स्थल के पूर्ण प्रबंधन और रखरखाव और सभी गतिविधियों तथा समारोहों के संचालन के लिए उत्तरदायी होंगे।
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’सोल ऑफ स्टील’ अल्पाइन चैंलेज किया लॉन्च
रक्षा मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहल ’सोल ऑफ स्टील’ अल्पाइन चैलेंज भी लॉन्च किया। उन्होंने भारतीय सेना और पूर्व सैनिकों के एक संगठन के क्लॉ ग्लोबल की इस संयुक्त पहल के तहत विभिन्न रोमांचक कार्यक्रमों के लिए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए स्वयंसेवकों के लिए एक वेबसाइट शुरू की। भारतीय सेना और क्लॉ के एक संयुक्त अभियान दल के हिस्से के रूप में सिंह ने 460 किलोमीटर लंबी कार रैली ’रोड टू द एंड’ को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
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