दिल्ली में पालम एयरपोर्ट के पास हुए बीएसएसफ के विमान हादसे में शहीद हुए पायलट भगवती प्रसाद भट्ट की यादें दून से जुड़ी हैं।
रुद्रप्रयाग के कोटमा गांव से 13 वर्ष पहले भगवती दून आए थे। किराये के मकान में रहकर उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की। इसके बाद बीएसएफ में बतौर पायलट उनका चयन हो गया। वर्ष 2008 में उन्होंने दून के सहस्त्रधारा रोड निवासी स्वाति से शादी की। भगवती प्रसाद भट्ट अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे।
भगवती के पिता बच्चीराम और माता कविता का निधन हो चुका है। उनके सबसे बड़े भाई जगदीश भट्ट गांव में रहते हैं। जबकि राजेंद्र प्रसाद दिल्ली में और देवेंद्र भट्ट नेताजी मार्ग तिलक रोड, देहरादून में किराये के मकान में रहते हैं। भाई का हादसे में निधन होने के बाद देवेंद्र दिल्ली रवाना हो गए।
मकान मालिक न शशि ने बताया कि 13 वर्ष पहले भगवती उनके यहां किराये पर रह रही अपनी बहन सुलोचना के पास रहने आए थे। यहीं रहकर उन्होंने डिग्री कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई की। भगवती प्रसाद की भाभी मंजू ने बताया कि दस वर्ष पहले जब देवेंद्र प्रसाद परिवार के साथ दून रहने आए तब भगवती दिल्ली शिफ्ट हो गए। जहां उनका चयन बीएसएफ में हो गया।