अर्द्धकुंभ-2016 का शंखनाद आज (एक जनवरी) से हो गया है। एक जनवरी से 30 अप्रैल तक के चार माह में दस पवित्र स्नान होंगे। सर्वाधिक पांच स्नान अप्रैल महीने में होंगे।
बृहस्पतिवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन एवं मेला डीआईजी जीएस मर्तोलिया ने मेला व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मेलाधिकारी ने घोषणा की कि मेले में कुल दस स्नान होंगे।
अनुमान है कि मेला अवधि में देश-विदेश से 5-6 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाने हरिद्वार आएंगे। पहले स्नान से अंतिम स्नान तक श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से व्यवस्थाओं का ब्लू प्रिंट तैयार किया है।
श्रद्धालुओं की सभी सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है। 32 सेक्टरों में विभाजित मेला क्षेत्र में आठ बड़े रैन सेंटर अंतरराज्जीय बस अड्डों, पार्किंग स्थलों के आसपास बनाए जा रहे हैं।
इनमें पांच हजार श्रद्धालु आश्रय ले सकेंगे। शुद्ध पानी के लिए हंस फाउंडेशन के सहयोग से वाटर फिल्टर लगाए जा रहे हैं। मेला प्रशासन ने शासन से 184 डाक्टर मांगें हैं। करीब 100 डाक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है।