राजभवन घेराव में शामिल आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में अंधकार समिति द्वारा सरकार का पुतला फूंका गया। जबकि, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के एक्ट को गंभीरता से नहीं लेने पर आंदोलनकारियों ने आक्रोश जताया।
रविवार को एस्लेहॉल चौक पर आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में अंधकार समिति ने सरकार का पुतला फूंका। सोमवार और मंगलवार को भी समिति पुतला फूंककर विरोध जताएगी। आंदोलनकारी संयुक्त समिति के मुख्य संरक्षक और उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने आंदोलनकारियों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जाने को सरकार का आंदोलनकारी विरोधी कदम बताया। उन्होंने राज्यभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। केंद्रीय संयोजक मनीष कुमार सहित कई मौजूद रहे। वहीं, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के एक्ट को गंभीरता से नहीं लिए जाने पर अक्रोश जताया गया। कहा गया कि सरकार आंदोलनकारियों की अवहेलना कर रही है।
शहीद स्मारक पर हुई बैठक में राज्य आंदोलनकारी मंच के कोषाध्यक्ष जयदीप सकलानी ने कहा कि अब हमें जनप्रतिनिधि व मंत्रियों का घेराव करना पड़ेगा। पूर्व राज्य मंत्री रविन्द्र जुगरान ने कहा कि सूचना देने के बावजूद सरकार दबाव बनाकर मुकदमे दर्ज करा रही है। इस दौरान विरेन्द्र पोखरियाल, प्रदीप कुकरेती ने भी विचार रखे। बैठक में जगमोहन सिंह नेगी, अनिल वर्मा, रुकम पोखरियाल, मोहन खत्री, युद्धवीर सिंह, पूर्ण सिंह, केशव उनियाल, रामलाल खंडूड़ी, सतेन्द्र भंडारी मौजूद रहे।