संबर की बारिश से हाड़ कंपाने वाली सर्दी फिर जनवरी आते-आते मसूरी की तलहटी तक बर्फबारी से जनवरी की गुलाबी ठंड का अहसास अब नहीं है।
सर्दी के मौसम में देहरादून और मसूरी की खूबसूरती गुजरे जमाने की बात हो गई है। मौसम विभाग के बीते दस वर्षों के आंकड़े बता रहे हैं कि अब दिसंबर-जनवरी में ना तो पहले जैसी बारिश होती है न ही ठंड। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम में आ रहे बदलाव की कई वजहें हैं, जिसे ग्लोबल वार्मिंग से भी जोड़ा जा रहा है।
दून घाटी का मौसम तेजी से बदल रहा है। ग्लोबल वार्मिंग का असर मौसम की चाल और ढाल बदल रहा है। बीते दस वर्षों का दिसंबर का बारिश का आंकड़ा देखें तो चौंकाने वाली कई बातें सामने आती हैं। लगातार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बेअसर हो रही है।
पिछले दस वर्षों में मसूरी में बर्फबारी का सिलसिला लगातार कम होता जा रहा है। पांच साल पहले दिसंबर में जबर्दस्त बर्फ पड़ी थी, गत वर्ष जनवरी में बर्फ पड़ी। इसके बाद से बर्फ गिरने का सिलसिला कम होता जा रहा है। इस सीजन में अब तक एक बार भी बर्फ नहीं पड़ी। धनोल्टी में जरूर कुछ बर्फबारी हुई है।