रूद्रप्रयाग की मद्महेश्वर घाटी में रुक-रुककर हो रही बारिश से द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर मंदिर को खतरा पैदा हो गया है। मंदिर के ऊपर से आ रहा बरसाती गदेरा (नाला) कभी भी यहां तबाही मचा सकता है। मंदिर के मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग ने इस बारे में बदरी-केदार मंदिर समिति को जानकारी दी है।
मंदिर को गदेरे से खतरा
भगवान मद्महेश्वर मंदिर, पुजारी निवास और भंडार गृह को बरसाती गदेरे से खतरा बना हुआ है। बारिश होने पर गदेरे उफान पर आ रहा है। ऐसे में इसके रुख बदलने की आशंका बनी हुई है।
हालांकि बारिश होने पर मंदिर समिति के कर्मचारी ऊपर जाकर पानी का रुख मोड़ने में जुट जाते हैं, लेकिन बरसाती गदेरे के पानी के डायवर्जन के लिए जल्दी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होने से यह मंदिर की ओर रुख कर सकता है। ऐसे में धाम में तबाही मच सकती है।
पहले भी किए गए थे सुरक्षा उपाय
मद्महेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग ने बरसाती गदेरे से मंदिर और धाम को होने वाले खतरे से बीकेटीसी को अवगत करा दिया है। बीकेटीसी के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है।
मंदिर और धाम की सुरक्षा इंतजाम करने के लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया है। पहले भी वन विभाग ने बरसाती गदेरे से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार और पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण करवाया था।