उच्च हिमालय के नीचे 12 से 14 किमी में बढ़ा तनाव
शोध के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम हिमालय या उच्च हिमालय क्षेत्र में चमोली और आसपास भूकंप के हल्के झटकों के हाइपोसेंटर यानी तनाव जमीन के अंदर और उसके आसपास जमा हो रहा है। चमोली क्षेत्र में भूगर्भ में स्ट्रेस के कारण सर्वाधिक एनर्जी निकल रही है। इस स्ट्रेस ड्रॉप से लगातार तरंगें निकल रही हैं। साफ्टवेयर की मदद से तरंगों का अध्ययन कर तनाव का आंकलन किया गया है। यह पाया गया कि इस इलाके में तनाव उत्तराखंड में अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक और तेजी से बढ़ रहा है। यह यहीं उत्पन्न होकर यहीं पर डिसॉल्व हो रहा है। उच्च हिमालय के 12 से 14 किमी. गहराई में इस दबाव का बढ़ना पाया गया है।
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चट्टानें देहरादून की ओर नहीं बढ़ने दे रहीं खतरा
देहरादून भी भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। यहां पर शहंशाही आश्रम से मसूरी की ओर मेन बाउंड्री थर्स्ट गुजरती है, लेकिन चमोली रेंज में जमीन के नीचे बढ़ने वाला तनाव दक्षिण दिशा में नहीं बढ़ पा रहा है। नीचे पत्थरों की जटिल संरचना भूकंप को देहरादून की ओर बढ़ने से रोक रही है। इस कारण चमोली रेंज में बढ़ते तनाव का देहरादून पर कोई खास असर नहीं दिख रहा।