पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में हुए गैंगरेप को कोई नहीं भूल पाया है। सोमवार को एक साल पूरे होने पर देहरादून में अलग-अलग संगठनों ने कैंडल मार्च निकाल कर बहादुर बेटी को याद किया गया।
सभी संगठन गांधी पार्क पर एकत्रित हुए
बहादुर बिटिया को किसी ने दामिनी नाम दिया तो किसी ने निर्भया। श्रद्धांजलि देते हुए सभी ने उसकी बहादुरी को नमन किया। इस मौके पर निर्भया को श्रद्धांजलि देने के लिए शाम साढ़े पांच बजे वॉइस अगेंस्ट वूमेन नेटवर्क से जुड़े सभी संगठन गांधी पार्क पर एकत्रित हुए।
इस मौके पर रमिंद्री मंद्रवाल ने कहा कि इस सामूहिक बलात्कार की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। इसकी वजह से सरकार को महिला हिंसा और बलात्कार के खिलाफ नए कानून बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सुशीला बलूनी ने कहा कि इस कैंडल मार्च के माध्यम से हम सरकार से मांग करते हैं कि प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जाए। प्रदेश में फॉरेंसिक लैब की स्थापना की जाए। इस मौके पर वीरेंद्र पैन्यूली, कमल जोशी, महिपाल सिंह नेगी, अभिषेक मैंदोला, गीता गैरोला आदि उपस्थित थे।
दामिनी को श्रद्धांजलि दी गई
कैंडल मार्च में उत्तराखंड महिला मंच, प्रगतिशील महिला मंच, अस्तित्व, प्रयास, पीपुल्स फोरम, संवेदना साहित्य मंच, जनवादी महिला मंच सहित विभिन्न संगठनों ने भागीदारी निभाई। जनजागरण अभियान समिति की ओर से इस दुष्कर्म की निंदा करते हुए दामिनी को श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर दीपाली महल, अकांक्षा शर्मा, ईशानी सक्सेना, शिवांगी काला, अभिषेक रावत, शुभम शर्मा आदि उपस्थित थे। उत्तराखंड युवा शक्ति संगठन की ओर से गांधी पार्क में दामिनी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर बबीता सहोत्रा, अंकुल धिगवाल, अंजली आर्य आदि उपस्थित थे। महानगर महिला कांग्रेस कमेटी की ओर से निर्भया को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर कुसुम क्षेत्री, कांता गर्ग, देविका रानी, सरोज शर्मा आदि उपस्थित थे।