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हीरे की तमन्ना में ठगी गई रेशमा: अंगूठी खरीदने का लालच मिला ऐसा की हो गई कंगाल...आप भी न करें ऐसी गलती

Tue, 27 Feb 2024 03:58 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

महिला को एक गलती भारी पड़ गई। इस गलती ने उनकी गाढ़ी कमाई ठग ली, लेकिन ये कोई पहला ऐसा मामला नहीं है। कई लोग इस तरह से साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
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हीरे की अंगूठी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर ठग नित नए तरीकों से लोगों की गाढ़ी कमाई ठग रहे हैं। सोमवार को इसके तीन मामले सामने आए। इनमें से एक रेशमा नाम की महिला हीरे की अंगूठी खरीदने के डिस्काउंट के लालच में 2.12 लाख रुपये गवां बैठीं। उधर, हीरा सिंह नाम के व्यक्ति के खाते से साइबर ठगों ने 98 हजार रुपये निकाल लिए।

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वह ऑनलाइन मंगाए सामान को वापस करना चाहते थे। साइबर ठगों ने एक एप डाउनलोड कराने के बाद ठगी को अंजाम दिया। इन मामलों में अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं। एसओ नेहरू कॉलोनी मोहन सिंह ने बताया कि शिकायत रेशमा निवासी रेस कोर्स ने की है। उन्होंने इंटरनेट पर हीरे की अंगूठी सर्च की थी। कुछ नंबरों पर कॉल की गई।

गत 11 फरवरी को व्हाट्सएप नंबर पर काल और मैसेज आया। फोन करने वाले ने खुद को तनिष्क के आनलाइन स्टोर का कर्मी बताया और डायमंड रिंग का एक वीडियो भेजा। बताया गया था कि डायमंड रिंग ढाई लाख की है। यदि 12 फरवरी तक ऑर्डर किया जाता है तो डिस्काउंट के साथ 2.12 लाख रुपये में मिल जाएगी। रेशमा का कहना है कि विश्वास करते हुए एनईएफटी के माध्यम से उन्होंने 2.12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। तीन चार घंटे बाद भी ऑर्डर कंफर्मेशन का मैसेज नहीं आया। इसके बाद ठगी का एहसास हुआ।

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दूसरा मामला
दूसरी शिकायत हीरा सिंह महिपाल निवासी लोअर नथनपुर थाना नेहरू कॉलोनी ने की। बताया कि 19 फरवरी को ईसीएआरटी से ऑनलाइन शापिंग की थी। सामान पसंद नहीं आया तो रिफंड किया गया। 999 रुपये वापस होने थे। रिफंड के लिए ईसीएआरटी कस्टमर केयर का नंबर ऑनलाइन सर्च किया। मिले नंबर पर फोन किया। किसी ने उठाया नहीं और आई विल कॉल यू लेटर की मैसेज आ गया। इसके बाद फोन आया और फोन करने वाले ने खुद का परिचय अशोक राणा ईसीएआरटी का कर्मचारी बताया। रिफंड के लिए एप डाउनलोड कराई। सारी जानकारी ली गई और खाते से 97,858 रुपये की साइबर ठगी कर ली गई।

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तीसरा मामला

तीसरे मामले में शिकायतकर्ता अंकिता निवासी कश्मीरी कॉलोनी पटेलनगर के मुताबिक 12 फरवरी को बैक से फोन आया। भेजे गए मैसेज को ओके करने को कहा गया। विश्वास करके ओके करने पर बैंक खाते से पैसे कट गए। कई बार में कुल 46,009 रुपये कटे। पटेलनगर एसएचओ कमल कुमार लुंठी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

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