चकराता। तहसील क्षेत्र के इंद्रोली स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में ज्येष्ठ माह के चौथे एवं अंतिम रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जौनसार-बावर की इष्ट देवी मानी जाने वाली मां काली के दर्शन के लिए क्षेत्र के अलावा रवांई, जौनपुर, गढ़वाल व हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेककर अपने परिवारों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। पूजा में शामिल होने के लिए शनिवार की सायं से ही श्रद्धालुओं का इंद्रोली गांव पहुंचना शुरू हो गया था। रातभर भजन-कीर्तन और देवी जागरण के कार्यक्रमों के बीच भक्तों ने मां काली का गुणगान किया। स्थानीय मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ माह के चारों रविवारों को मां काली के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मंदिर समिति की ओर से आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी प्रेम जोशी, वजीर टीकम सिंह, भंडारी खजान सिंह, ठानी केशर सिंह, देव माली कुंवर सिंह, अरविंद, अतर सिंह सहित मंदिर समिति के सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे।