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ऐसी 'मर्दानी' जो अपराधियों को याद दिलाती है नानी

Fri, 19 Jun 2015 09:27 AM IST
आलोक पंवार/ अमर उजाला, ऋषिकेश
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जिंदगी में चुनौतियां आपकी हिम्मत परखती हैं। घबराने के बजाय डटकर मुकाबला करना ही आपकी कामयाबी की पहली सीढ़ी है।
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इसी मंत्र को जिंदगी में उतार कर भारतीय पुलिस सेवा में आईं 2013 बैच की आईपीएस तृप्ति भट्ट तीर्थनगरी में अपराधियों के लिए बुरा सपना बन चुकी हैं।

बतौर एएसपी तृप्ति ने अपने अभियानों के बूते न सिर्फ शहर से अतिक्रमण दूर हटाने में काफी हद तक कामयाबी पाई, बल्कि अवैध शराब तस्करों के लिए खौफ का सबसे बड़ा नाम बन गई हैं।

तृप्ति समाज को अपराधमुक्त करने और महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करने को अपनी पहली प्राथमिकता बताती हैं।

पंत नगर यूनिवर्सिटी से मेकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद छह सरकारी, गैर सरकारी प्रतिष्ठित संस्थानों की जॉब ठुकराने के बाद आईपीएस ज्वाइन करने वाली तृप्ति भट्ट ने एनटीपीसी में बतौर सहायक प्रबंधक तैनाती से सिविल सेवा परीक्षा के सफर तक के तमाम अनुभव अमर उजाला से साझा किए।
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कड़ी मेहनत और लगन से पाया मुकाम

मूल रूप से अल्मोड़ा के शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखने वाली तृप्ति को पंतनगर यूनिवर्सिटी से मेकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद करीब छह सरकारी, गैर सरकारी बड़े प्रतिष्ठानों से जॉब ऑफर आई, इनमें बंगलूरू स्थित इसरो में साइंटिस्ट सी की पोस्ट भी थी।

तमाम उधेड़बुन के बीच उन्होंने नौकरी के लिए नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) में सहायक प्रबंधक का पद चुना। मगर मन की तमन्ना कुछ और थी। ऐसी नौकरी की चाह, जो प्रतिष्ठित होने के साथ सामाजिक योगदान के लिए लायक भी हो।

लक्ष्य तय करने के बाद तृप्ति ने सिविल सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी। कड़ी मेहनत और लगन के बूते भारतीय पुलिस सेवा में उनका चयन हो गया।

ट्रेनिंग के बाद प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर पहली तैनाती विकासनगर थाने में बतौर एएसपी हुई। यहां अवैध खनन के खिलाफ उनके अभियान ने माफिया के पैर उखाड़ दिए। दो माह बाद उन्हें तीर्थनगरी भेज दिया गया।
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कलाम के पत्र ने दी प्रेरणा

जीवन में कुछ कर गुजरने की प्रेरणा तृप्ति को पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम से मिली। तृप्ति बताती हैं, कक्षा नौ में थी तो राष्ट्रपति भवन से अल्मोड़ा में आयोजित कार्यक्रम का न्यौता मिला था। यहां पहली बार राष्ट्रपति डॉ. कलाम से रूबरू हुई।

सर्वोच्च पद पर आसीन डॉ. कलाम की साधारण शख्सियत ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। मुलाकात के दौरान डा. कलाम ने उन्हें एक हस्तलिखित पत्र दिया, जिसमें कई प्रेरणाप्रद बातें लिखी थी। पत्र आज भी तृप्ति के पास पूरी हिफाजत के साथ रखा है।

कुशल एथलीट, कराटे में भी दक्ष
आईपीएस तृप्ति भट्ट कुशल एथलीट भी हैं। राष्ट्रीय स्तर की 16, 14 किमी मैराथन और राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता की वह गोल्ड विजेता रही हैं। वह ताइक्वांडो और कराटे में भी दक्ष हैं। तृप्ति मानती हैं कि आज बेटी वह सब कुछ कर सकती है, जो एक बेटा कर सकता है।

विकासनगर और ऋषिकेश के सामाजिक ताने-बाने में काफी अंतर है। तीर्थनगरी शांतिप्रिय है। यहां अतिक्रमण, अवैध शराब अहम समस्याएं है। इन पर लगाम कसने की पूरी कोशिश की जा रही है।
- तृप्ति भट्ट, एएसपी ऋषिकेश
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