हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र से रुड़की के कॉलेज आ रही छात्रा को ग्राम प्रधान के पति ने जबरन कार में डाल लिया। आरोपी ने कार में उसके साथ दुराचार का प्रयास किया।
विरोध करने पर छात्रा के साथ मारपीट भी की गई। मिलिट्री चौक के पास कार कुछ धीमी हुई तो छात्रा ने कूद कर खुद को बचाया और पुलिस को फोन कर दिया।
पुलिस ने मौके से आरोपी प्रधानपति को हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लक्सर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती रुड़की के एक कॉलेज में बीएसी फाइनल ईयर की छात्रा है।
मंगलवार सुबह कॉलेज आते समय उसकी बस छूट गई थी। इस पर छात्रा एक युवक से बाइक पर लिफ्ट लेकर डोसनी फाटक पर बस पकड़ने के लिए पहुंची।
प्रधानपति ने छात्रा को जबरन कार में डाला
जैसे ही वह बाइक से उतरी इसी बीच पीछे से नैतवाला सैदाबाद गांव निवासी प्रधानपति राकेश अपनी स्विफ्ट कार से आया। आरोप है कि उसने छात्रा को कार में जबरन डाल लिया।
इसके बाद आतंकित कर उसके साथ छेड़छाड़ और दुराचार का प्रयास किया गया। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान युवती के कुछ जगह से कपड़े भी फट गए।
मिलिट्री चौक के पास छात्रा चलती कार से कूद गई और पुलिस को फोन कर दिया। इसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर आरोपी प्रधानपति राकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ कर रही है।
आरोपी की करतूत बताते बिलख पड़ी छात्रा
पुलिस के सामने छात्रा ने प्रधानपति की करतूत बताई तो वह बिलख पड़ी। जिस समय छात्रा कोतवाली पहुंची तो उस समय भी आरोपी उसे फोन कर मिलिट्री चौराहे पर बुला रहा था।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। छात्रा ने बताया कि आरोपी उसे काफी समय से परेशान कर रहा था।
रिकार्डिंग सुनाने लगी तो बहन बता दिया
छात्रा के मुताबिक, आरोपी के परिवार के कुछ लोगों से उनका प्रॉपर्टी का विवाद है। छात्रा ने बताया कि आरोपी उनका विवाद निपटाने के लिए फोन पर बार-बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था।
छात्रा ने बताया कि उसके पास आरोपी की रिकार्डिंग भी है। जिस समय छात्रा रिकार्डिंग सुनाने को तैयार हुई तो आरोपी ने उसे बहन बता दिया। उसने हाथ जोड़कर फोन रिकार्डिंग पुलिस को न सुनाने की गुहार भी लगाई।
एसएसपी को किया फोन, तब दर्ज किया केस
घटना के बाद कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ खड़े हुए। आरोप है कि छात्रा पुलिस के सामने कार्रवाई की मांग करती रही, लेकिन पुलिस आराम से बैठी रही।
यही नहीं, छात्रा को आरोपी के साथ एक कमरे में बैठाकर पुलिस दोनों से पूछताछ करती रही। पीड़ित छात्रा इस दौरान दहशत की स्थिति में रही। लेकिन इसके बावजूद छात्रा दबाव में नहीं आई। उसने एसएसपी डॉ. सदानंद दाते को फोन कर घटनाक्रम की जानकारी दी।
एसएसपी ने कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। एसएसपी का फोन आते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद ही आरोपी को एक कमरे में बंद किया गया।
हिरासत में मोबाइल पर करता रहा बात
हिरासत में लिया गया आरोपी प्रधानपति कोतवाली परिसर में ही घूमता रहा, जबकि छात्रा बार-बार पुलिस से गुहार लगाती रही कि आरोपी को हवालात में डालो या फिर उसे किसी कमरे में बंद कर दो।
लेकिन पुलिस पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। आरोपी पुलिस के सामने ही अपने सिफारिशों से फोन पर बात करता रहा। जबकि अमूमन पुलिस ऐसे आरोपी को तुरंत ही हवालात में डाल देती है। पुलिस का रवैया आरोपी के प्रति बिल्कुल नरम रहा।
पक्षपात करने का आरोप
राज्य महिला आयोग की सदस्य गजाला जबी ने महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों की निंदा की है।
उन्होंने पुलिस पर छात्रा के अपहरण के मामले में पक्षपात पूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाएंगी तथा कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।