11 साल के एक बालक ने हम उम्र दोस्तों के बहकावे में आकर अपनी नानी के घर से 50 हजार रुपये की नकदी समेत कई लाख के जेवर चुरा लिए। 26 दिन तक चोरी का यह मामला जांच में उलझा रहा।
शक के आधार पर पुलिस द्वारा की गई बातचीत में नाती ने चोरी और माल आपस में बांटने की बात स्वीकार की है। उसके हिस्से में भी आठ हजार रुपये आए हैं। हालांकि उसके साथी नकदी और जेवर मिलने की बात नकार रहे हैं।
डालनवाला कोतवाली क्षेत्र में चोरी की यह वारदात 14 दिसंबर की है। 15 दिसंबर को गृह स्वामिनी को इसकी भनक लगी तो पुलिस में शिकायत की गई। पीड़ित महिला के यहां रहकर उसका 11 साल का नाती पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता एक फैक्ट्री में नौकरी करते हैं।
जांच में पुलिस के शक की सुई नाती के ऊपर आकर टिक गई। शुक्रवार को पुलिस ने नानी को विश्वास में लेकर नाती से बातचीत की तो उसने पूरी घटना स्वीकार कर ली। आराघर चौकी प्रभारी विकास रावत ने बताया कि बातचीत में नाती ने बताया कि मुहल्ले में रहने वाले हम उम्र चार दोस्तों ने उसे बहकाकर नानी की अलमारी में रखी नकदी और जेवरात मंगवा लिए। बाद में उन्हें बांटकर आठ हजार रुपये उसे भी दे दिए। उसी आधार पर पुलिस ने चार अन्य बच्चों से बातचीत की, लेकिन वे इंकार कर रहे हैं। चौकी प्रभारी ने बताया कि पीड़ित महिला की तरफ से फिलहाल चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जेवरात के साथ विदेशी मुद्रा भी ले गए
सात साल तक विदेश में नौकरी कर लौटे एक प्राइवेट कंपनी के अधिकारी के मकान से दिनदहाड़े ताले तोड़कर कई लाख रुपये का सामान चुरा लिया गया। चोर जेवरात के साथ कुछ विदेशी मुद्रा (करेंसी) भी ले गए हैं। पीड़ित परिवार दो घंटे के लिए परिचित को देखने अस्पताल गए थे। इसी बीच चोरों ने हाथ साफ कर दिया।
राजधानी दून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के बदरीपुर में किराये के मकान पर रहने वाले प्राइवेट कंपनी के अधिकारी दुर्गेश कुमार शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे अपनी पत्नी और बेटी के साथ मैक्स अस्पताल में भर्ती परिचित को देखने गए थे। साढ़े बारह बजे के करीब यह परिवार वापस आया तो मकान का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर देखा तो पूरा सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी का लॉक भी टूटा पड़ा था।
चोर घर से सोने की चेन, मंगलसूत्र, अंगूठी, चांदी की पायल, लैपटॉप और कई हजार की विदेशी मुद्रा भी ले गए। दुर्गेश दो साल पहले ही भारत आए थे। सात साल तक उन्होंने सूडान और केन्या में नौकरी की है। नवंबर माह में ही दुर्गेश परिवार के साथ देहरादून आए थे।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है। माना जा रहा है कि रात में पुलिस के सक्रिय होने के कारण चोर अब दिन में घटनाओं का अंजाम दे रहे हैं। नेहरू कालोनी में पुलिस सिपाही के घर पर हुई चोरी का भी अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है।